सिंदूर हिंदू धर्म में शुभता और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है. यह सुहागिन स्त्रियों के प्रेम और समर्पण का प्रतीक है. सिंदूर का उपयोग न केवल धार्मिक अनुष्ठानों में होता है बल्कि यह जीवन की समस्याओं को हल करने में भी सहायक है. ज्योतिषीय दृष्टिकोण से सिंदूर का प्रयोग व्यक्ति की मनोकामनाओं को पूर्ण करने में मदद करता है.
सिंदूर और हनुमान जी की कृपा
हनुमान जी को सिंदूर अर्पित करने का विशेष महत्व है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं. मंगलवार को हनुमान जी के चरणों का सिंदूर लाकर स्वस्तिक बनाना नौकरी की समस्याओं को हल करने में सहायक होता है. चमेली के तेल में सिंदूर मिलाकर हनुमान जी को अर्पित करने से कर्ज से मुक्ति मिलती है.
सिंदूर के चमत्कारी उपाय
सिंदूर के कई चमत्कारी उपाय हैं. यदि किसी व्यक्ति को बार-बार दुर्घटनाओं का सामना करना पड़ता है, तो उसे हनुमान जी को चमेली के तेल और सिंदूर अर्पित करना चाहिए. बच्चों को चोट-चपेट से बचाने के लिए मंगलवार को हनुमान जी के मंदिर से सिंदूर लाकर तिलक लगाना चाहिए.
सिंदूर और वैवाहिक जीवन
सिंदूर का उपयोग दांपत्य जीवन की खुशहाली के लिए भी किया जाता है. मां गौरी को सिंदूर अर्पित करने से सुखद दांपत्य जीवन का आशीर्वाद मिलता है.माता गौरी को सिंदूर अर्पित करने से विवाह संबंधी समस्याएं दूर होती हैं.
सिंदूर के धार्मिक नियम
सिंदूर अर्पित करने के कुछ नियम हैं. महिलाओं को हनुमान जी को सिंदूर अर्पित नहीं करना चाहिए. पुरुषों को चमेली के तेल में सिंदूर मिलाकर अर्पित करना चाहिए. माता गौरी को सूखा सिंदूर अर्पित नहीं करना चाहिए. हनुमान जी को सिंदूर अर्पित करने से शनिकृत पीड़ाएं, तंत्र प्रयोग और रोजगार में आने वाली अड़चनों से मुक्ति मिलती है. हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाने से भक्तों को मनचाहा वरदान प्राप्त होता है.
सिंदूर के दिव्य प्रयोग
सिंदूर का उपयोग मंगल दोष को दूर करने, दुर्घटनाओं से बचने और जीवन में खुशहाली लाने के लिए किया जा सकता है. हनुमान जी को सिंदूर अर्पित करने से भक्तों को उनकी कृपा प्राप्त होती है. सिंदूर का धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व जीवन की समस्याओं को हल करने में सहायक है.