Advertisement

ऑक्सीजन सिलेंडर के सहारे हरिद्वार से कांवड़ लेकर निकले 60 साल के परशुराम, बोले- बीमारी नहीं रोक सकती भोलेनाथ की भक्ति

हरिद्वार से कांवड़ लेकर स्कूटी से मुजफ्फरनगर पहुंचे बुजुर्ग परशुराम शर्मा अपने साथ गंगाजल ही नहीं, बल्कि ऑक्सीजन के दो सिलेंडर भी लेकर चल रहे हैं.

60 वर्षीय परशुराम शर्मा
संदीप सैनी
  • मुजफ्फरनगर ,
  • 11 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 3:31 PM IST

भक्ति की राह में मुश्किलें कितनी भी बड़ी हों, अगर मन में आस्था हो तो कदम खुद आगे बढ़ते चले जाते हैं. मुजफ्फरनगर में कांवड़ यात्रा के दौरान ऐसी ही भक्ति की एक बेहद मार्मिक तस्वीर सामने आई है. दरअसल, हरिद्वार से कांवड़ लेकर स्कूटी से मुजफ्फरनगर पहुंचे बुजुर्ग परशुराम शर्मा अपने साथ गंगाजल ही नहीं, बल्कि ऑक्सीजन के दो सिलेंडर भी लेकर चल रहे हैं. जानकारी के मुताबिक परशुराम शर्मा पिछले करीब दो साल से लगातार ऑक्सीजन पर हैं और फेफड़ों की गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं.

परशुराम शर्मा का कहना है कि वह हरिद्वार से कांवड़ लेकर चले हैं और 24 घंटे ऑक्सीजन पर रहते हैं. एक पल के लिए भी ऑक्सीजन हटाना उनके लिए संभव नहीं है. इसके बावजूद उन्होंने कांवड़ यात्रा का संकल्प लिया और हरिद्वार से मुजफ्फरनगर तक की राह तय कर ली. उनका कहना है कि जाना उन्हें बागपत जनपद के पुरा महादेव मंदिर था लेकीन वह मंदिर काफी ऊंचाई पर है, इसलिए वह ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ वहां तक नहीं जा सकते. लिहाजा अब वह मुजफ्फरनगर के नगर में स्थित शिव चौक पर ही भगवान भोलेनाथ को शिवरात्रि के दिन जलाभिषेक करेंगे.

ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर कांवड़ यात्रा
आपको बता दे कि 60 वर्षीय परशुराम शर्मा मूल रूप से मुजफ्फरनगर जनपद के नरा गांव के रहने वाले हैं, हालांकि फिलहाल वह हरिद्वार में रहते हैं. बीमारी के बावजूद उनका कहना है कि मन में इच्छा हुई कि इस बार भी एक नेक काम किया जाए और भोलेनाथ की भक्ति में कांवड़ चढ़ाई जाए. परशुराम पहले भी कई बार कांवड़ यात्रा कर चुके हैं, लेकिन इस बार की यात्रा सबसे अलग है. क्योंकि इस बार वह गंगाजल के साथ जीवन बचाने वाला ऑक्सीजन सिलेंडर भी ले रहे हैं.

बरहाल परशुराम शर्मा की ये कहानी सिर्फ आस्था की नहीं, बल्कि हौसले की भी कहानी है. उनका संदेश है कि बीमारी और परेशानियां जिंदगी का हिस्सा हो सकती हैं, लेकिन अगर इंसान मन से मजबूत रहे और समाज में भक्ति एवं सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़े, तो बदलाव की उम्मीद हमेशा बनी रहती है. परशुराम की आस्था और हिम्मत को देखकर हर कोई हैरान हैं.

ये भी पढ़ें: 

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Advertisement