Advertisement

Pali Krishna Jhula Utsav: पाली के मंदिरों में उमड़ा भक्ति का सैलाब! माखनचोर कृष्ण और बाल गोपाल को झूला झुलाने पहुंचे श्रद्धालु

सावन माह के दौरान पाली के विभिन्न मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी के लिए विशेष झूला उत्सव आयोजित किया जा रहा है. रंगजी मंदिर और गोपीनाथ मंदिर में सजीं आकर्षक व चलित झांकियों के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं.

Pali Krishna Jhula Utsav
भारत भूषण जोशी
  • पाली,
  • 24 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 2:18 PM IST

पाली में सावन माह के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति, आस्था और प्रेम का अनूठा रंग देखने को मिल रहा है. शहर के विभिन्न मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी के लिए विशेष झूला उत्सव आयोजित किए जा रहे हैं. मंदिरों को रंग-बिरंगे फूलों, कृत्रिम पुष्पों, हरियाली और आकर्षक सजावट से सजाया गया है. भगवान के विभिन्न स्वरूपों को अलग-अलग प्रकार के मनमोहक झूलों में विराजमान कर झुलाया जा रहा है. इन झांकियों और झूलों के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिरों में पहुंच रहे हैं और भक्ति रस में डूबकर भगवान के दर्शन कर रहे हैं.

रंगजी मंदिर में रोज सज रही नई झांकियां
पाली के प्रसिद्ध रंगजी मंदिर में प्रतिदिन नई-नई और आकर्षक झांकियां सजाई जा रही हैं. भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप और उनके जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों को झांकियों के जरिए जीवंत रूप दिया गया है. माखन चोर कृष्ण की मनमोहक झांकी, नाग से रक्षा के प्रसंग सहित विभिन्न धार्मिक कथाओं पर आधारित चलित झांकियां श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं. झांकियों को इस तरह सजाया गया है कि भगवान की लीलाओं के दृश्य जीवंत नजर आते हैं. वहीं, मंदिर परिसर में हनुमानजी की आकर्षक चलित झांकियां भी श्रद्धालुओं का ध्यान अपनी ओर खींच रही हैं.

सुबह-शाम दर्शन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालु
श्रद्धालु सुबह और शाम मंदिरों में पहुंचकर भगवान के दर्शन कर रहे हैं. बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में झूला उत्सव और नई-नई झांकियों को देखने का खास उत्साह नजर आ रहा है. मंदिरों में भगवान के जयकारों और भजन-कीर्तन से पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है.

श्रद्धालु भगवान के दर्शन करने के साथ ही झूला उत्सव का आनंद भी ले रहे हैं. सावन की हरियाली और धार्मिक माहौल के बीच मंदिरों की यह सजावट लोगों को अलग तरह की आध्यात्मिक अनुभूति करा रही है.

गोपीनाथ मंदिर में भी सजा खास झूला
गोपीनाथ मंदिर में भी भगवान श्रीकृष्ण के लिए विशेष झूला सजाया गया है. कृत्रिम पुष्पों और हरियाली से सजे सुंदर वातावरण के बीच भगवान झूले में विराजमान नजर आ रहे हैं. मंदिर में की गई रंगीन और आकर्षक सजावट श्रद्धालुओं को अपनी ओर खींच रही है. फूलों और हरियाली से सजी झांकी सावन के प्राकृतिक सौंदर्य और भगवान श्रीकृष्ण के प्रति श्रद्धा को एक साथ दर्शा रही है.

माली समाज के मंदिर में बाल गोपाल का मनमोहक स्वरूप
माली समाज के मंदिर में भी बाल गोपाल के लिए विशेष रूप से छोटा और आकर्षक झूला तैयार किया गया है. सुंदर श्रृंगार और मनमोहक सजावट के बीच झूले में विराजमान बाल गोपाल का स्वरूप श्रद्धालुओं को खास तौर पर आकर्षित कर रहा है. भक्त बाल गोपाल के दर्शन कर खुद को धन्य महसूस कर रहे हैं. कई श्रद्धालु भगवान के बाल स्वरूप को प्रेमपूर्वक झूला झुलाकर अपनी आस्था और श्रद्धा व्यक्त कर रहे हैं.

राधा-कृष्ण के प्रेम और भक्ति का प्रतीक है झूला उत्सव
सावन माह में मनाया जाने वाला झूला उत्सव भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी के प्रेम, स्नेह और भक्ति का प्रतीक माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान भगवान को झूला झुलाने और उनके दर्शन करने का विशेष महत्व है. इसी परंपरा को निभाते हुए पाली के अलग-अलग मंदिरों में विभिन्न थीम पर झांकियां सजाई जा रही हैं और भगवान के लिए आकर्षक झूले तैयार किए गए हैं.

मंदिरों में नजर आ रही सावन की भक्ति
शहर के मंदिरों में कहीं फूलों की सजावट, कहीं हरियाली के बीच झूला, तो कहीं भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं पर आधारित चलित झांकियां श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर रही हैं. सावन की फुहारों और हरियाली के बीच मंदिरों में उमड़ रही भीड़ आस्था और भक्ति की अलग तस्वीर पेश कर रही है.

इस तरह पाली में सावन माह के दौरान आयोजित झूला उत्सव और मनमोहक झांकियां धार्मिक आस्था को मजबूत करने के साथ भगवान राधा-कृष्ण के प्रेम, स्नेह और आपसी सद्भाव का संदेश भी दे रही हैं. मंदिरों में सजे आकर्षक झूले और भगवान की विभिन्न लीलाओं पर आधारित झांकियां श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक आनंद दे रही हैं और पूरे शहर में सावन की भक्ति का रंग बिखेर रही हैं.
 

ये भी पढ़ें

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Advertisement