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श्री विट्ठल रुक्मिणी मंदिर में भक्त ने की सोने की पादुकाएं दान, जानें कितनी है कीमत?

महाराष्ट्र के सोलापुर के फेमस श्री विट्ठल रुक्मिणी मंदिर में एक भक्त ने सोने की पादुकाएं दान की. इन पादुकाओं का वजन 446 ग्राम है. जबकि इसकी अनुमानित कीमत 56.59 लाख है. दान देने वाले भक्त ने अपना नाम गुप्त रखा है.

Shri Vitthal Rukmini Temple
गौरव विजय साली
  • ​पंढरपुर,
  • 17 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 12:08 PM IST

महाराष्ट्र में सोलापुर जिले के पंढरपुर के श्री विट्ठल रुक्मिणी मंदिर में भक्तों की भारी भीड उमड़ती है. आषाढ़ी यात्रा के दौरान श्री विट्ठल रुक्मिणी मंदिर में दर्शन के लिए राज्य सहित देशभर से लाखों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, जिससे मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है. इस अवधि के दौरान मंदिर समिति को नकद दान के साथ-साथ सोने, चांदी और अन्य कीमती वस्तुओं के रूप में भी भारी मात्रा में दान प्राप्त हो रहा है. मंदिर में भक्त तरह-तरह का चढ़ावा चढ़ाते हैं. लेकिन एक भक्त के दान की चर्चा हो रही है. एक भक्त ने सोने की पादुकाएं दान की. लेकिन भक्त ने अपना नाम गोपनीय रखा है. बताया जा रहा है कि दान दने वाली ये ही शर्त थी कि उसका नाम गुप्त रखा जाए.

सोने की पादुकाएं दान-
श्री विट्ठल रुक्मिणी मंदिर में एक भक्त ने सोने की पादुकाएं दान की. सोने की इन पादुकाओं का वजन 446 ग्राम है. इसकी अनुमानित कीमत 56.59 लाख रुपए है. सबसे बड़ी बात है कि भक्त ने अपना नाम गोपनीय रखा है.

अलग-अलग दान कक्ष की व्यवस्था-
​श्री विट्ठल रुक्मिणी मंदिर में सोने-चांदी की वस्तुएं दान करने के लिए एक अलग 'दान कक्ष' की व्यवस्था की गई है. इस कक्ष में दान में प्राप्त होने वाली कीमती वस्तुओं की जांच, शुद्धता का सत्यापन, वजन, पंजीकरण और सुरक्षित प्राप्ति के लिए दो सराफ (ज्वैलर्स) और अनुभवी कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है. 

दान के बाद रसीद जरूर लें- मंदिर समिति
मंदिर समिति के प्रबंधक प्रवीणकुमार घम ने अपील की है कि जो श्रद्धालु मंदिर समिति को सोने-चांदी की कीमती वस्तुएं दान करना चाहते हैं, वे मंदिर समिति कार्यालय से संपर्क करें और आधिकारिक रसीद के साथ दान करें. इस अवसर पर मंदिर समिति के सह-अध्यक्ष गहिनीनाथ महाराज औसेकर, सदस्य शकुंतलाताई नडगिरे, संभाजी शिंदे, एडवोकेट माधवी निगडे, ह.भ.प. प्रकाश जवंजाळ, ह.भ.प. शिवाजीराव मोरे, कार्यकारी अधिकारी राजेंद्र शेळके, प्रबंधक प्रवीणकुमार घम और लेखाधिकारी मुकेश अनेचा उपस्थित थे.

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