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महाकाल मंदिर में दान की सुरक्षा अभेद्य, सोने-चांदी की होती है मशीन से जांच; हर चढ़ावे का रखा जाता है पूरा हिसाब

हाल के दिनों में कुछ मंदिरों में दान को लेकर विवाद सामने आए हैं. विशेष रूप से वैष्णो देवी मंदिर में चढ़ावे में आई बड़ी मात्रा में चांदी की जांच को लेकर उठे सवालों के बाद देशभर के प्रमुख मंदिरों की व्यवस्थाओं पर भी चर्चा तेज हुई है.

Mahakal Temple Mahakal Temple

उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में हर दिन देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं और सोना, चांदी, नकदी सहित बहुमूल्य आभूषण दान करते हैं. हाल ही में कुछ मंदिरों में दान की राशि और चढ़ावे को लेकर सामने आए विवादों के बाद महाकाल मंदिर की दान व्यवस्था और सुरक्षा प्रणाली एक बार फिर चर्चा में है. मंदिर प्रशासन का दावा है कि यहां आने वाले हर चढ़ावे का पारदर्शी तरीके से रिकॉर्ड रखा जाता है और उसकी गुणवत्ता की वैज्ञानिक जांच की जाती है.

तीन सदस्यीय टीम करती है आभूषणों की जांच
मंदिर समिति के अनुसार, चढ़ावे में मिले सोने और चांदी के आभूषणों की जांच के लिए सुनारों की तीन सदस्यीय विशेषज्ञ टीम नियुक्त है. यह टीम धातु की शुद्धता, गुणवत्ता और कैरेट की बारीकी से जांच करती है. जांच पूरी होने के बाद उसका लिखित रिकॉर्ड तैयार किया जाता है. दानदाता को मंदिर समिति की ओर से विधिवत रसीद भी जारी की जाती है, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहती है.

सीसीटीवी और अधिकारियों की निगरानी में होती है पूरी प्रक्रिया
मंदिर में दान से जुड़ी हर गतिविधि सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में होती है. आभूषणों की जांच के दौरान मंदिर समिति के कोठार प्रभारी, संबंधित कर्मचारी और डिप्टी कलेक्टर स्तर का अधिकारी अनिवार्य रूप से मौजूद रहते हैं. जांच पूरी होने के बाद दान की गई सामग्री को मंदिर के सुरक्षित कोठार (खजाना) में जमा कर दिया जाता है. साथ ही उसका पूरा विवरण कंप्यूटर और सरकारी अभिलेखों में दर्ज किया जाता है.

जल्द लगेगी हाईटेक जांच मशीन
महाकालेश्वर मंदिर समिति की उप प्रशासक सिम्मी यादव ने बताया कि दान व्यवस्था को और अधिक आधुनिक और सुरक्षित बनाने के लिए जल्द ही मंदिर में हाईटेक मशीन स्थापित की जाएगी. इस मशीन की मदद से सोने और चांदी के असली या नकली होने की तुरंत पहचान की जा सकेगी. इसके बावजूद सुनारों की विशेषज्ञ टीम पहले की तरह जांच का कार्य जारी रखेगी.

वैष्णो देवी मामले के बाद बढ़ी सतर्कता
हाल के दिनों में कुछ मंदिरों में दान को लेकर विवाद सामने आए हैं. विशेष रूप से वैष्णो देवी मंदिर में चढ़ावे में आई बड़ी मात्रा में चांदी की जांच को लेकर उठे सवालों के बाद देशभर के प्रमुख मंदिरों की व्यवस्थाओं पर भी चर्चा तेज हुई है. ऐसे समय में महाकाल मंदिर प्रशासन का कहना है कि यहां पारदर्शिता और सुरक्षा के सभी मानकों का सख्ती से पालन किया जा रहा है.

मंत्री बोले- गड़बड़ी पर होगी सख्त कार्रवाई
उज्जैन जिले के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल ने कहा कि महाकाल मंदिर में आने वाले हर चढ़ावे की सीसीटीवी निगरानी के साथ पारदर्शी तरीके से गणना और रिकॉर्डिंग की जाती है. उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी किसी तरह की अनियमितता सामने आती है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

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