जम्मू-कश्मीर के पुंछ में पवित्र बूढ़ा अमरनाथ मंदिर है, जहां भोलेनाथ के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा है. हर-हर महादेव के जयघोष से पूरा मंडी क्षेत्र गूंज रहा है. यात्रियों के पहले जत्थे के पहुंचने से वहां आस्था, उमंग और उल्लास का माहौल है. श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन की तरह ही बूढ़ा अमरनाथ के पवित्र दर्शन को लेकर उत्साहित हैं.
बूढ़ा अमरनाथ को लेकर क्या है मान्यता?
देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु बूढ़ा अमरनाथ के दर्शन पूजन के लिए पहुंच रहे हैं. हर कोई बाबा के दरबार में मत्था टेकने और अपनी मनोकामना पूरी करने की अर्जी लगाने आया है.
पुंछ के मंडी में स्थित बूढ़ा अमरनाथ मंदिर भगवान शिव को समर्पित प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है. मान्यता है कि यहां भगवान शिव के दर्शन का विशेष महत्व है. यात्रा के दौरान श्रद्धालु कठिन रास्तों और पहाड़ी इलाकों से गुजरते हुए बाबा के दरबार तक पहुंचते हैं.
मुस्लिमों ने किया श्रद्धालुओं का स्वागत-
बूढ़ा अमरनाथ यात्रा की सबसे खूबसूरत तस्वीरों में से एक सद्भाव है. पूंछ में स्थानीय मुस्लिम समुदाय की ओर से यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का विशेष स्वागत किया गया. स्वागत की तस्वीर बताती है कि घाटी में इंसानियत और भाईचारे का रिश्ता कितना मजबूत है.
12 दिनों तक चलेगी ये यात्रा-
बूढ़ा अमरनाथ यात्रा के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग पहुंच रहे हैं. 12 दिनों की इस यात्रा में अलग-अलग जत्थों में यात्री रवाना किए जाएंगे. पहले जत्थे के पुंछ पहुंचने के दौरान यात्रा मार्ग में जगह-जगह चाक-चौबंद सुरक्षा नजर आई.
पहले पुलस्त्य नदी में स्नान, फिर दर्शन-
पुंछ पहुंचने के बाद श्रद्धालु प्राचीन बूढ़ा अमरनाथ मंदिर के पास पहले पुलस्त्य नदी में पवित्र डुबकी लगाते हैं. इसके बाद मंदिर पहुंचकर दर्शन करते हैं.
आस्था के इस सफर के साथ सुरक्षा व्यवस्था को भी पूरी तरह मजबूत किया गया है. यात्रा मार्ग पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है. संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाई गई है और श्रद्धालुओं की आवाजाही पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के अपनी यात्रा पूरी कर सकें.
मार्केट भी गुलजार-
श्रद्धालुओं की बढ़ती आवाजाही से स्थानीय बाजार गुलजार हैं और लोगों की आमदनी के अवसर बढ़े हैं. यानी बूढ़ा अमरनाथ यात्रा जहां आस्था और भक्ति का केंद्र बनी है, वहीं स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और कारोबार का भी बड़ा सहारा साबित हो रही है.
(मनजीत सिंह की रिपोर्ट)
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