Ashok Dham Mandir
Ashok Dham Mandir
बिहार के लखीसराय के फेमस अशोक धाम मंदिर में सावन के तीसरे सोमवार को भारी भीड़ उमड़ी. इस दौरान जलाभिषेक के दौरान श्रद्धालुओं पर बिजली का तार गिरने की अफवाह से अचानक भगदड़ मच गई. इस हादसे में 7 श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई. जबकि 2 दर्जन से अधिक लोग जख्मी हुए हैं.
अशोक धाम मंदिर काफी फेमस है. भक्तों में इस मंदिर में काफी आस्था है. इस मंदिर के शिवलिंग की खोज की कहानी अद्भुत है. चलिए आपको इस मंदिर के शिवलिंग की खोज और उस मंदिर का नाम अशोक धाम पड़ने का किस्सा बताते हैं.
भगवान शिव को समर्पित हैं मंदिर-
अशोक धाम मंदिर को इंद्रदमनेश्वर महादेव मंदिर के नाम से भी जाना जाता है. यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है. यह मंदिर बिहार के लखीसराय जिले में स्थित है. इस मंदिर को बिहार का देवघर भी कहा जाता है. इसमें में हमेशा भक्तों की भीड़ रहती है.
अशोक नाम के लड़के ने खोजा था शिवलिंग-
इस मंदिर की शिवलिंग की खोज की कहानी अद्भुत है. 7 अप्रैल 1977 को लखीसराय के रजौना चौकी गांव में अशोक नाम का लड़का मवेशी चरा रहा और गिल्ली-डंडा खेल रहा था. इस बच्चे को जमीन के अंदर काले चमकदार पत्थर का हिस्सा दिखाई दिया. जब बच्चे ने उस जगह की खुदाई की तो वहां एक दुर्लभ और विशाल शिवलिंग दिखाई दिया. उस लड़के अशोक के नाम पर इस ऐतिहासिक स्थल का नाम श्री इंद्रदमेश्वर महादेव अशोक धाम रखा गया. आज ये मंदिर एक बड़ा धार्मिक केंद्र बन गया है. सावन में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है.
शंकराचार्य ने रखी थी मंदिर की आधारशिला-
जब शिवलिंग प्रकट हुआ तो भक्तों का तांता लगने लगा. इसके बाद इस जगह की ख्याति बढ़ने लगी. 11 फरवरी 1993 को पुरी के जगद्गुरु स्वामी निश्चलानंद सरस्वती जी महाराज के कर-कमलों से मंदिर की विधिवत आधारशिला रखी गई. इसके बाद साल 2001 में मंदिर ट्रस्ट का गठन किया गया और 11 कट्ठा जमीन पर भव्य मंदिर का निर्माण किया गया. इस विशाल मंदिर परिसर में शिवलिंग के साथ पार्वती, भगवान गणेश, कार्तिकेय और दूसरे देवी-देवताओं के नयनाभिराम मंदिर स्थापित हैं.
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