Pradyumn Vinayak Chaturthi 2026: कब है प्रद्युम्न विनायक चतुर्थी? इस तरह से करें गणेश जी की पूजा, दूर होंगी बाधाएं और आएगी सुख-समृद्धि

प्रद्युम्न विनायक चतुर्थी भगवान गणेश के विशेष स्वरूप को समर्पित मानी जाती है. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और गणेश जी की आराधना करने से परिवार में सुख-शांति बनी रहती है. दांपत्य जीवन में मधुरता आती है और आर्थिक समस्याओं से राहत मिलती है.

Dagdusheth Halwai Ganpati Temple
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 17 जून 2026,
  • अपडेटेड 12:25 PM IST

हिंदू धर्म में भगवान गणेश को प्रथम पूज्य और विघ्नहर्ता माना जाता है. मान्यता है कि उनकी पूजा करने से जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं और सुख-समृद्धि का मार्ग खुलता है. हर महीने आने वाली चतुर्थी तिथि भगवान गणेश को समर्पित होती है, लेकिन ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी का विशेष महत्व माना गया है. इस दिन प्रद्युम्न विनायक चतुर्थी का व्रत रखा जाता है. वर्ष 2026 में यह शुभ व्रत 18 जून, गुरुवार को मनाया जाएगा. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से गणेश जी की पूजा करने पर घर में खुशहाली आती है और आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं.

प्रद्युम्न विनायक चतुर्थी 2026 की तिथि और शुभ समय
पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि 17 जून 2026 को रात 9 बजकर 38 मिनट पर शुरू होगी और 18 जून 2026 को शाम 6 बजकर 58 मिनट तक रहेगी. उदया तिथि 18 जून को प्राप्त होने के कारण इसी दिन प्रद्युम्न विनायक चतुर्थी का व्रत रखा जाएगा. हिंदू धर्म में उदया तिथि को विशेष महत्व दिया जाता है, इसलिए व्रत और पूजा का आयोजन इसी दिन किया जाएगा.

क्या है इस व्रत का महत्व?
प्रद्युम्न विनायक चतुर्थी भगवान गणेश के विशेष स्वरूप को समर्पित मानी जाती है. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और गणेश जी की आराधना करने से परिवार में सुख-शांति बनी रहती है. दांपत्य जीवन में मधुरता आती है और आर्थिक समस्याओं से राहत मिलती है. संतान प्राप्ति की इच्छा रखने वाले दंपत्तियों के लिए भी यह व्रत विशेष फलदायी माना गया है. यही कारण है कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस दिन भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने की कामना करते हैं.

ऐसे करें भगवान गणेश की पूजा
प्रद्युम्न विनायक चतुर्थी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और पूजा स्थान की साफ-सफाई करें. इसके बाद भगवान गणेश की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें. गणेश जी को लाल या पीले रंग के फूल अर्पित करें. साथ ही दूर्वा, सिंदूर, अक्षत और मोदक का भोग लगाएं. पूजा के दौरान गणेश मंत्रों का जाप करें और गणेश चालीसा का पाठ करें. भगवान से परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करें. दिनभर व्रत रखने के बाद शाम को आरती करें और प्रसाद का वितरण करें.

इन आसान उपायों से मिलेगी विशेष कृपा
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन कुछ विशेष उपाय करना बेहद शुभ माना जाता है. भगवान गणेश को 21 दूर्वा अर्पित करें और मोदक या लड्डू का भोग लगाएं. पूजा के समय 'ॐ गणपतये नमः' मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें. इसके अलावा घर के मुख्य द्वार पर स्वास्तिक का चिन्ह बनाना भी शुभ माना जाता है. कहा जाता है कि इन उपायों को श्रद्धा के साथ करने से जीवन की परेशानियां धीरे-धीरे कम होने लगती हैं और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.

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