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Prayagraj News: मां गंगा ने कराया अपने पुत्र हनुमान को स्नान, की गई भव्य आरती, प्रयागराज में दिखा दुर्लभ नजारा

प्रयागराज के संगम स्थित प्रसिद्ध लेटे हनुमान मंदिर में मां गंगा ने अपने पुत्र बजरंगबली को स्नान करा दिया. गंगा का पवित्र जल जैसे ही मंदिर के गर्भगृह में पहुंचा, पूरा मंदिर परिसर जयकारों से गूंज उठा. धार्मिक मान्यता है कि जब मां गंगा अपने पुत्र हनुमान को स्नान कराती हैं, तो सुख, समृद्धि और मंगल का आगमन होता है. इस दुर्लभ क्षण के दर्शन को अत्यंत सौभाग्यशाली माना जाता है.

Lete Hanuman Temple
पंकज श्रीवास्तव
  • प्रयागराज ,
  • 30 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 9:10 AM IST

Lete Hanuman Temple: संगम नगरी प्रयागराज में गंगा और यमुना के जलस्तर में लगातार तेज बढ़ोतरी हो रही है. इसी बीच शनिवार देर रात एक दुर्लभ और आध्यात्मिक दृश्य देखने को मिला, जब मां गंगा का जल प्रसिद्ध लेटे हनुमान मंदिर के गर्भगृह तक पहुंच गया. मान्यता के अनुसार इसे मां गंगा द्वारा अपने पुत्र बजरंगबली को स्नान कराने का शुभ अवसर माना जाता है. आपको मालूम हो कि यह एक ऐसा मंदिर है जहां बजरंगबली लेटी हुई यानी विश्राम की अवस्था भक्तों को दर्शन देते हैं.

जयकारों से गूंज उठा मंदिर परिसर
गंगा का जल जैसे ही मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश किया, मंदिर के महंत और साधु-संतों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मां गंगा का स्वागत किया. पूजा-अर्चना और भव्य आरती की गई. दूध, दही, घी और पंचामृत अर्पित कर मां गंगा का अभिनंदन किया गया. इस दौरान ढोल-नगाड़ों की गूंज और हर-हर गंगे व जय श्री राम के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा.

बजरंगबली चले गए शयन अवस्था में 
धीरे-धीरे गंगा का जल मंदिर की सीढ़ियों से होते हुए गर्भगृह में भरने लगा और परंपरा के अनुसार बजरंगबली शयन अवस्था में चले गए. देखते ही देखते लेटे हनुमान जी की प्रतिमा पूरी तरह गंगा के जल में समा गई. 

सुख, समृद्धि और मंगल का होता है आगमन 
धार्मिक मान्यता है कि जब मां गंगा अपने पुत्र हनुमान को स्नान कराती हैं, तो सुख, समृद्धि और मंगल का आगमन होता है. इस दुर्लभ क्षण के दर्शन को अत्यंत सौभाग्यशाली माना जाता है.

मंदिर का कपाट कर दिया गया बंद
महंत राम सुमेर दास ने बताया कि पूजा-अर्चना संपन्न होने के बाद मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए हैं. अब गंगा का जल स्तर घटने और मंदिर परिसर से पानी निकलने के बाद साफ-सफाई की जाएगी. इसके उपरांत ही श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के कपाट दोबारा खोले जाएंगे. तब तक श्रद्धालु मंदिर के बाहर से ही लेटे हनुमान जी के दर्शन कर सकेंगे.

 

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