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Sanatani Kinnar Akhara: ममता कुलकर्णी पर दो फाड़ किन्नर अखाड़ा? टीना मां ने बनाया सनातनी किन्नर अखाड़ा

गठन के 10 साल बाद किन्नर अखाड़ा दो फाड़ हो गया है. संगम नगरी प्रयागराज में विधिवत सनातनी किन्नर अखाड़े का गठन किया गया. किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर और प्रदेश अध्यक्ष स्वामी कौशल्या नंद गिरी उर्फ टीना मां ने इसका गठन किया है.

Sanatani Kinnar Akhara
gnttv.com
  • प्रयागराज,
  • 04 नवंबर 2025,
  • अपडेटेड 2:50 PM IST

किन्नर अखाड़े के गठन के दस साल बाद उससे अलग होकर सनातनी किन्नर अखाड़े का बुधवार को संगम नगरी प्रयागराज में विधिवत गठन हो गया. किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर और प्रदेश अध्यक्ष स्वामी कौशल्या नंद गिरी उर्फ टीना मां ने सनातनी किन्नर अखाड़े का गठन किया है. गठन से पहले वह अपने शिष्यों के साथ संगम तट पर पहुंची, जहां पर उन्होंने त्रिवेणी में स्नान किया और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ उनका अभिषेक कराया गया. इसके बाद बैरहना स्थित दुर्गा पूजा पार्क में वैदिक ब्राह्मण ने मंत्रोच्चार के साथ विधि विधान से आचार्य महामंडलेश्वर के पद परपट्टा अभिषेक संपन्न कराया गया. पट्टा अभिषेक के बाद स्वामी कौशल्या नंद गिरी अब सनातनी किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर बन गई हैं. इस मौके पर काशी से आए डमरू वादकों ने डमरु बजाकर आरती कराई. जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया. इस मौके पर किन्नरों ने नाचते गाते हुए जमकर खुशी मनाई.

ममता कुलकर्णी विवाद से बंटा किन्नर अखाड़ा-
किन्नर अखाड़े में महाकुंभ के दौरान महामंडलेश्वर बनाई गई पूर्व फिल्म अभिनेत्री ममता कुलकर्णी उर्फ यामाई ममता नंद गिरी के किन्नर अखाड़े में बढ़ते वर्चस्व को लेकर किन्नरों में नाराजगी चल रही थी. इसके बाद गोरखपुर में ममता कुलकर्णी के अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम को लेकर दिए गए बयान ने आग में घी का काम किया. ममता कुलकर्णी को लेकर किन्नर अखाड़े में विवाद इतना बढ़ गया कि किन्नर अखाड़े में दो फाड़ हो गया.

'सनातनी किन्नर अखाड़ा' का गठन करने के बाद कौशल्या नंद गिरी उर्फ टीना मां ने सनातन को मजबूत करने और आगे बढ़ने का संकल्प दोहराया है. उन्होंने किन्नर अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर डॉक्टर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी पर तानाशाही पूर्ण तरीके से संचालित करने और फैसले लेने का आरोप लगाया है.

जूना अखाड़े के सानिध्य में किन्नर अखाड़ा- भवानी मां
सनातनी किन्नर अखाड़े से‌ जुड़ी कामाख्या पीठाधीश्वर भवानी मां का कहना है कि किन्नर अखाड़ा पहले पंच दशनाम जूना अखाड़े से सम्बद्ध है. वह आगे भी जूना अखाड़े के संरक्षक महंत हरि गिरी महाराज के सानिध्य में ही रहेंगे. हालांकि अखाड़े के अंदर उठ रहे असंतोष और विवादों के चलते 2024 में ही भवानी मां ने किन्नर अखाड़े को छोड़ दिया था.

संस्कृत शिक्षा पर काम करेंगे- श्री गौरी सावंत
मुंबई की प्रख्यात सोशल वर्कर व फ़िल्म अभिनेत्री श्री गौरी सामंत ने कहा है कि सनातन धर्म को आगे बढ़ाने के लिए कार्य करेंगी. ‌उन्होंने कहा है कि वह किन्नर अखाड़े की संस्थापक सदस्यों में रही हैं. लेकिन वास्तव में किन्नर अखाड़ा अपने सही उद्देश्यों से भटक गया था. जिसके चलते अब उन्हें अपनी राह अलग बनानी पड़ रही है. हालांकि उन्होंने कहा है कि उनका अखाड़ा सनातन धर्म को आगे बढ़ाने के साथ ही साथ सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण और संवर्धन के लिए काम करेगा. इसके साथ ही संस्कृत शिक्षा को लेकर भी बड़ी पहल करेगा. गौ को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग करेगा.

देशभर के किन्नर रहे मौजूद-
सनातनी किन्नर अखाड़े के गठन के मौके पर अयोध्या, कानपुर, प्रतापगढ़, कौशांबी, मिर्जापुर और वाराणसी के किन्नर भी मौजूद रहे. इस मौके पर दूर-दूर से आए किन्नरों ने अपने गुरुओं से आशीर्वाद भी लिया.

गौरतलब है कि 13 अक्टूबर 2015 को उज्जैन स्थित आश्रम अध्यात्म वाटिका में किन्नर अखाड़े का गठन किया गया था. हालांकि 2019 के प्रयागराज कुंभ में देवत्व यात्रा और अमृत स्नान के बाद किन्नर अखाड़ा सुर्खियों में आया था. 2019 कुंभ में ही किन्नर अखाड़े ने जूना अखाड़े से समझौता कर लिया था. फिलहाल किन्नर अखाड़ा अभी भी जूना अखाड़े के साथ है. किन्नर अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर डॉक्टर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी हैं.

(पंकज श्रीवास्तव की रिपोर्ट)

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