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सावन के आखिरी सोमवार मंदिर जा रहे हैं? जलाभिषेक से परिक्रमा तक, मंदिर जाने से पहले जान लें ये जरूरी नियम

अगर आप भी आखिरी सावन सोमवार पर शिव मंदिर जाने वाले हैं, तो सिर्फ पूजा सामग्री ले जाना ही काफी नहीं है. मंदिर में प्रवेश से लेकर शिवलिंग की परिक्रमा तक कुछ खास बातों का ध्यान रखना भी जरूरी माना जाता है.

shiv ji
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 21 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 6:28 PM IST

सावन का आखिरी सोमवार इस बार 24 अगस्त को पड़ रहा है. भगवान शिव को समर्पित इस दिन देशभर के शिव मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिलती है. मान्यता है कि सावन सोमवार के दिन सच्चे मन से भगवान शिव की पूजा और जलाभिषेक करने से भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं. इस दिन आयुष्मान और प्रीति योग का संयोग भी बन रहा है. अगर आप भी आखिरी सावन सोमवार पर शिव मंदिर जाने वाले हैं, तो सिर्फ पूजा सामग्री ले जाना ही काफी नहीं है. मंदिर में प्रवेश से लेकर शिवलिंग की परिक्रमा तक कुछ खास बातों का ध्यान रखना भी जरूरी माना जाता है.

मंदिर जाने से पहले रखें ये तैयारी
सावन सोमवार पर मंदिर जाने से पहले स्नान करके साफ कपड़े पहनें. धार्मिक मान्यताओं में पूजा के लिए तन के साथ मन की शुद्धता को भी जरूरी माना गया है. मंदिर पहुंचने के बाद जूते-चप्पल बाहर उतारें और साफ मन से भगवान शिव का ध्यान करें.

मंदिर में प्रवेश करते ही करें शिव मंत्र का जाप
मंदिर में प्रवेश करते समय 'ॐ नमः शिवाय' का जाप करना शुभ माना जाता है. इससे भक्त का ध्यान भगवान शिव की आराधना में केंद्रित रहता है. इसके बाद सबसे पहले भगवान गणेश, माता पार्वती, कार्तिकेय और नंदी जी के दर्शन करने की परंपरा है.

शिवलिंग पर ऐसे करें जलाभिषेक
शिवलिंग पर जल चढ़ाने के लिए घर से साफ पात्र में जल लेकर जाना शुभ माना जाता है. पूजा की शुरुआत सबसे पहले शुद्ध जल या गंगाजल से अभिषेक करके करें. इसके बाद दूध, दही, शहद, घी और शक्कर से पंचामृत अर्पित किया जाता है. फिर बेलपत्र और अन्य पूजन सामग्री चढ़ाई जाती है.

बेलपत्र चढ़ाते समय न करें ये गलती
भगवान शिव को बेलपत्र अर्पित करने की विशेष परंपरा है. मान्यता के अनुसार बेलपत्र साफ और साबुत होना चाहिए. तीन पत्तियों वाला बेलपत्र चढ़ाना विशेष शुभ माना जाता है. कटे-फटे या खराब बेलपत्र चढ़ाने से बचना चाहिए.

शिवलिंग पर ये चीजें चढ़ाने से बचें
सावन सोमवार की पूजा में कुछ चीजों का इस्तेमाल नहीं किया जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शिवलिंग पर तुलसी, हल्दी और सिंदूर नहीं चढ़ाना चाहिए. इसलिए पूजा की थाली तैयार करते समय इन चीजों को अलग रखें.

परिक्रमा करते समय रखें खास ध्यान
शिवलिंग की परिक्रमा करते समय सबसे ज्यादा सावधानी जलाधारी को लेकर रखनी चाहिए. शिवलिंग से निकलने वाले जल के मार्ग को लांघना धार्मिक मान्यताओं में उचित नहीं माना जाता. इसलिए जलाधारी तक जाकर वहीं से वापस लौटने की परंपरा है.

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