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Samastipur Sawan Last Somwar: सावन की अंतिम सोमवारी पर उमड़ा जनसैलाब, 50 किमी पैदल चलकर पहुंचे श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक

सावन की अंतिम सोमवारी पर समस्तीपुर के प्रसिद्ध थानेश्वर स्थान मंदिर में लाखों श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया. झमटिया से 50 किमी पैदल यात्रा कर पहुंचे कांवड़ियों की सेवा के लिए जगह-जगह शिविर लगाए गए और प्रशासन ने भी सुरक्षा को लेकर कड़े इंतजाम कर रखे हैं.

Samastipur Sawan Last Somwar
जहांगीर आलम
  • समस्तीपुर,
  • 24 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 11:57 AM IST

सावन की अंतिम सोमवारी पर समस्तीपुर के प्रसिद्ध थानेश्वर स्थान मंदिर में आस्था का ऐसा जनसैलाब उमड़ा कि पूरा मंदिर परिसर बोल बम के जयकारों से गूंज उठा. लाखों श्रद्धालुओं ने बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक किया. खास बात यह रही कि जल चढ़ाने वाले श्रद्धालुओं में पुरुषों के मुकाबले महिलाओं की संख्या अधिक रही. झमटिया से पैदल गंगाजल लेकर पहुंचे शिव भक्तों ने बाबा को जल अर्पित कर पूजा-अर्चना की.

50 किलोमीटर पैदल चलकर पहुंचे शिव भक्त
सावन की अंतिम सोमवारी पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु बछवाड़ा स्थित बिहार के प्रसिद्ध झमटिया से गंगाजल लेकर करीब 50 किलोमीटर पैदल चलकर थानेश्वर स्थान मंदिर पहुंचे. श्रद्धालु रात 12 बजे से पहले मंदिर पहुंच चुके थे. 12 बजने के बाद मंदिर के मुख्य पुजारी ने बाबा भोलेनाथ के शिवलिंग की पूजा-अर्चना की. इसके बाद लंबी कतार में खड़े श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के पट खोल दिए गए.

पट खुलते ही शुरू हुआ जलाभिषेक
मंदिर के पट खुलते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा का जलाभिषेक करने लगे. सुरक्षा में तैनात पुलिस जवान जल चढ़ाने के बाद श्रद्धालुओं को बाहर निकालने में लगे रहे, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके. इस दौरान पूरा मंदिर परिसर बोल बम के नारों से गूंजता रहा. जलाभिषेक के बाद कई श्रद्धालु भगवान के सामने कान पकड़कर अपनी गलतियों के लिए माफी मांगते भी नजर आए.

श्रद्धालुओं की सेवा के लिए जगह-जगह शिविर
झमटिया से पैदल आने वाले श्रद्धालुओं की सेवा के लिए रास्ते में जगह-जगह शिविर लगाए गए थे. इन शिविरों में गर्म पानी, दर्द निवारक स्प्रे और फलाहार की व्यवस्था की गई थी. श्रद्धालुओं के पैरों की मालिश की गई और गर्म पानी से राहत दी गई. जूस, केला, सेब और खीर भी बांटी गई. डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार और डॉ. मनोज कुमार के शिविर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सेवा की गई. दोनों डॉक्टर पिछले कई वर्षों से निस्वार्थ भाव से शिव भक्तों की सेवा करते आ रहे हैं.

सुरक्षा को लेकर प्रशासन मुस्तैद
मंदिर में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे. जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे और बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई थी. सदर एसडीओ राकेश कुमार खुद मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाल रहे थे. उन्होंने बताया कि बैरिकेडिंग की गई है और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है. श्रद्धालुओं से शांतिपूर्वक जल अर्पित करने की अपील की जा रही है. जिला प्रशासन ने कहा कि श्रद्धालुओं की मदद के लिए वह पूरी तरह उनके साथ खड़ा है.
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