महादेव का प्रिय माह सावन शुरू हो गया है. लगातार शिव भक्त कावड़िया हरिद्वार पहुंच रहे हैं और यहां से गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर रवाना हो रहे हैं. हरिद्वार में कावड़ मेला को लेकर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद है. कावड़ मेल पर, घाटों पर और हाईवे पर ड्रोन के माध्यम से और सीसीटीवी कैमरे से निगरानी की जा रही है. जिलाधिकारी स्वयं कावड़ पटरी पर निरीक्षण करके कावड़ियों से फीडबैक ले रहे हैं. उधर, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत डॉ. रवींद्र पुरी ने हरिद्वार आने वाले कावड़ियों से नियम कानून का पालन करने के लिए प्रशासन की ओर से जारी की गई गाइडलाइन का पालन करते हुए नशा न करने, जल आवश्यकता के अनुरूप उठाने, डीजे की आवाज काम रखने और कांवड़ियों से ढाबे और चाय आदि की दुकानों पर ध्यान देकर ही खाना खाने की अपील की है.
इतने लाख कावड़िया गंगाजल लेकर हुए रवाना
सावन के दूसरे दिन हरिद्वार से करीब 10 लाख कावड़िया गंगाजल लेकर के अपने-अपने गंतव्य को रवाना हुए. हालांकि 31 जुलाई से पंचक लग गया है. पंचक के चलते कावड़ियों की संख्या में थोड़ी सी कमी आई है. इसके चलते सुबह की गंगा आरती में भी श्रद्धालुओं की संख्या कम दिखाई दी और घाट भी खाली से दिखाई दिए. फिर भी कावड़ियों के आने और जाने का सिलसिला लगातार जारी है.
क्या बोले कावड़िए
शिव भक्त संजय सैनी का कहना है कि वह भिवानी से हरिद्वार आए हैं और कावड़ लेकर जा रहे हैं. भिवानी के लोगों की आदत है कि बहुत सुंदर सी कावड़ बनाते हैं. हरिद्वार से पैदल लेकर जा रहे हैं. एक कंधे की कावड़ है भिवानी में जाकर शिवालय में चढ़ाएंगे. मन में कामना लेकर जा रहे हैं. भोले की इच्छा है वह जो करेंगे, अच्छा करेंगे. देवेंद्र कुमार का कहना है कि कावड़ लेकर जा रहे है. भगवान से कुछ कामना कर रखी है. भगवान पूरा करेंगे. हरिद्वार से रेवाड़ी तक कावड़ लेकर जा रहे हैं. लंबा सफर है. 300 किलोमीटर का सफर है लेकिन कोई परेशानी नहीं होगी. पैदल जाएंगे बम-बम भोले की जयकारे करते हुए जाएंगे. पीयूष का कहना है कि हरियाणा भिवानी से आए हैं. कावड़ में जल लेकर भोले की जयकार करते हुए 330 किलोमीटर जाएंगे हरियाणा. मोहित का कहना है की कावड़ लेकर जा रहे हैं. भगवान से मन्नत मांग रखी है पूरी होगी. वह कावड़ लेकर 330 किलोमीटर जाएंगे. कोई परेशानी नहीं होगी आराम से जाएंगे. गोलू का कहना है कि मन में तो भोले हैं. भोले की मर्जी, भोले ने बुलाया तो कावड़ ले जा रहे हैं.
उत्तराखंड है देवभूमि
महेंद्र रवींद्र पुरी महाराज का कहना है कि उत्तराखंड देवभूमि है. ऐसा माना जाता है कि 33 करोड़ देवताओं का वास उत्तराखंड में ही है. सावन के महीने में भगवान शंकर का वास हरिद्वार में माना गया है. उन्होंने कहा कि आप देखते हैं, चाहे वह पंजाब हो हरियाणा और राजस्थान और दिल्ली हो यूपी हो सब जगह से हमारे शंकर के गण हरिद्वार में आ रहे हैं. यहां से जल लेकर अपने-अपने मंदिरों में जाकर के भगवान शंकर का अभिषेक करेंगे. मैं शिव भक्तों से अपील करना चाहूंगा कृपया जल भरा बड़ा मटके लेकर न जाएं. जान तो जान है आप इतने बड़े मटके लेकर जाएंगे तो आपका क्या होगा. आप की कमर का क्या होगा.
आपकी गर्दन का क्या होगा. पहले आप अपनी सेहत का ध्यान रखें. उन्होंने कहा कि मैंने कावड़िया भाई को देखा कि वह भगवान शंकर के नाम, भांग पी रहा था. मैंने कहा भांग क्यो पी रहे हो तो उसने कहा कि भगवान शंकर भांग पीते थे. इस पर मैंने कहा कि भगवान शंकर तो जहर भी पीते थे. हमें ऐसा काम नहीं करना चाहिए. कई लोग मदिरा पान भी करते हैं. हमे ऐसा काम नहीं करना चाहिए. हम जितने भी उत्तराखंड के वासी है, हम आपका स्वागत करते हैं. हम आपको दंडवत प्रणाम करते हैं. भजन करते हैं क्योंकि आपने भगवान शंकर के रूप धारण किया हुआ है. मैं चाहूंगा कि आपकी यात्रा नशा मुक्त हो और यह जो डीजे बड़े-बड़े आ रहे हैं, जब यह डीजे बजता है, हमारे पूरे मकान हिल जाते हैं. कृपया थोड़ा सा साउंड कम करें. आपको बहुत-बहुत आशीर्वाद साधुवाद भगवान शंकर का आशीर्वाद आप पर हमेशा बना रहे. आपने देखा होगा जितने भी हमारे कावड़िये भाई हैं, साक्षात भगवान शंकर के रूप हैं. उन्होंने कहा कि मैं चाहूंगा कि आपको यह भी ध्यान रखना होगा कि रास्ते में जितने भी ढाबे हैं, हमें कहां पर खाना खाना है, कहां पर चाय पीनी है. कहीं ऐसा ना हो की कहीं हमको कोई कुछ मिला करके दे दे. किसी गैर हिंदू का ढाबा होगा तो अवश्य वहां पर आपके साथ कुछ अनहोनी हो सकता है. ऐसे में आप देखें किसका ढाबा है और क्या इसमें हिंदु देवी-देवताओं के चित्र लगे हुए हैं. आपको अपनी सुरक्षा स्वयं करनी है.
क्या बोले जिलाधिकारी
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित का कहना है कि कावड़ यात्रा 2026 प्रारंभ हो चुकी है. जनपद हरिद्वार में विभिन्न राज्यों से कावड़ श्रद्धालु आ रहे हैं और यहां से जल लेकर जा रहे हैं. हमारी जो कावड़ पटरी है या हाईवे है, वहां पर अधिकारियों के द्वारा लगातार निरीक्षण किया जा रहा है. यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि जो राज्य सरकार की मंशा है, जो मुख्यमंत्री जी की डायरेक्शन है, कावड़ श्रद्धालुओं को पूरी सुविधाएं दी जाए. वह किया जा रहा है.पूरा मेला क्षेत्र को 141 सेक्टर में डिवाइड किया गया है. सेक्टर में सेक्टर ऑफिसर, जोनल ऑफिसर और पुलिस के अधिकारी लगातार भ्रमण करके समस्याओं का निराकरण कर रहे हैं.