Kamika Ekadashi: एकादशी व्रत का हिंदू धर्म में विशेष महत्व होता है. हिंदू पंचांग के मुताबिक एक साल में कुल 24 एकादशी होती है. एकादशी के दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना की जाती है. वैसे तो हर एकादशी का अपना विशेष महत्व है लेकिन कामिका एकादशी के दिन व्रत रखने और पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है. आपको मालूम हो कि सावन महीने के कृष्ण पक्ष की एकादशी को कामिका एकादशी के नाम से जाना जाता है. सावन माह में पड़ने वाली कामिका एकादशी के दिन भगावन विष्णु, मां लक्ष्मी के साथ भोलेनाथ की पूजा-अर्चनी की जाती है.
इस बार कब है कामिका एकादशी
हिंदू पंचांग के मुताबिक सावन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि का शुभारंभ 8 अगस्त को रात 01 बजकर 59 मिनट पर होगी और इसका समापन 9 अगस्त को सुबह 11 बजकर 04 मिनट पर होगा. ऐसे में उदया तिथि के अनुसार कामिका एकादशी 9 अगस्त 2026 को मनाई जाएगी. 9 अगस्त को कामिका एकादशी का व्रत रखकर अगले दिन 10 अगस्त को सुबह 5:47 से 8:01 बजे के बीच पारण करके व्रत खोल सकते हैं.
पूजा के लिए क्या है शुभ मुहूर्त
कामिका एकादशी पूजन विधि
कामिका एकादशी का धार्मिक महत्व
ऐसी धार्मिक मान्यता है कि कामिका एकादशी का व्रत रखने से व्यक्ति के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और जीवन में खुशहाली आती है. पौराणिक कथाओं के अनुसार जो फल काशी में स्नान करने से या केदारनाथ के दर्शन से मिलता है, वही पुण्य कामिका एकादशी का व्रत से प्राप्त होता है. महादेव का प्रिय माह सावन में पड़ने के कारण इस एकादशी का विशेष महत्व होता है.