Advertisement

Sawan Somwar 2022: कब है सावन का पहला सोमवार, इन उपायों से भोलेनाथ को करें प्रसन्न

पंचाग के अनुसार सावन के महीने की शुरुआत 13 जुलाई आषाढ़ पूर्णिमा के अगले दिन से होगी. इस साल सावन का महीन 14 जुलाई से शुरू होगा और 18 जुलाई को सावन महीने का पहला सोमवार पड़ेगा.

Sawan Somwar 2022
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 15 जून 2022,
  • अपडेटेड 4:05 PM IST
  • 2022 में सावन के कुल 4 सोमवार पड़ेंगे
  • भोलेनाथ की विशेष पूजा से मिलता है मनचाहा फल

हिंदू धर्म में सावन के महीने का अत्यधिक महत्व है. सावन के महीने में लोग भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए तरह-तरह के प्रयास करते हैं. सावन के महीने में विशेष पूजा-अर्चना और व्रत का अत्यधिक महत्व है. यह महीना भगवान शिव की पूजा के लिए विशेष माना जाता है. वैसे तो शिव जी बहुत आसानी से प्रसन्न हो जाते हैं लेकिन सावन के महीने में उनकी पूजा करने से विशेष फल प्राप्त होता है और भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.

कब है पहला सोमवार
पंचाग के अनुसार सावन के महीने की शुरुआत 13 जुलाई आषाढ़ पूर्णिमा के अगले दिन से होगी. इस साल सावन का महीन 14 जुलाई से शुरू होगा और 18 जुलाई को सावन महीने का पहला सोमवार पड़ेगा. 12 अगस्त श्रावन पूर्णिमा के साथ इसका समापन हो जाएगा.

कुल कितने सोमवार पड़ेंगे
इस साल 2022 में सावन के कुल 4 सोमवार पड़ेंगे, जिसमे सावन का पहला सोमवार 18 जुलाई को पड़ेगा. दूसरा 25 जुलाई, तीसरा 1 अगस्त और अंतिम सोमवार 8 अगस्त को पड़ेगा.

क्या है महत्व
सावन का महीना बहुत ही पावन महीना माना जाता है. वैसे तो इस पूरे महीने में शिव पूजन का विशेष महत्व है लेकिन जो लोग सावन सोमवार के दिन भगवान शिव एवं माता पार्वती की पूजा करते हैं उन्हें शिव जी की विशेष कृपा दृष्टि प्राप्त होती है. शिव पूजन करने से आर्थिक कष्ट दूर होते हैं.

वैसे तो भगवान शंकर को भोलेनाथ इसलिए भी कहा जाता है क्योंकि वो स्वभाव से बहुत भोले हैं. भोलेनाथ को खुश करने के लिए ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती, लेकिन ये उपाय विशेष फल देते हैं.

  • सावन के महीने में शिवलिंग पर अक्षत चढ़ाना बहुत ही शुभ होता है. एक मुठ्‌ठी चावल शिव को चढ़ाने से जातकों को लक्ष्मी की प्राप्ति होती है. यदि आपका धन कहीं फंसा है तो जल्‍दी आपको वापस मिल जाता है. ध्यान रहे कि चावल टूटे हुए न हो.
  • मान्‍यता है जो जातक भोलेनाथ  को काले तिल चढ़ाते हैं, उनके जीवन से सभी प्रकार के क्‍लेश समाप्‍त हो जाते हैं. मानस‍िक और शारीर‍िक तौर पर भी स्‍वस्‍थ रहते हैं. अचानक आने वाली तकलीफों से भी राहत म‍िलती है.
  • शिवलिंग पर जौ अर्पित करने से सांसारिक सुखो की प्राप्ति होती है.वहीं गेंहू चढ़ाने से संतान प्राप्ति का सुख मिलता है.

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Advertisement