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Sawan Darshan: श्रावणी मेला ऐप लॉन्च, अब एक क्लिक में बाबा गरीबनाथ धाम सहित 12 ज्योतिर्लिंग के दर्शन की सुविधा, कांवरियों को रास्ता भी दिखाएगा यह  AAP  

kanwar Yatra 2025: झारखंड राज्य के देवघर में श्रावणी मेले का शुभारंभ हो गया है. बाबा गरीबनाथ धाम में हर दिन हजारों शिव भक्त जल चढ़ा रहे हैं. अब कांवरियों के लिए श्रावणी मेला ऐप लॉन्च किया गया है. यह ऐप कांवरियों को रास्ता दिखाने के  साथ 12 ज्योतिर्लिंगों का दर्शन भी कराएगा. आइए जानते हैं कैसे?

Kanwar Yatra
gnttv.com
  • मुजफ्फरपुर ,
  • 29 जुलाई 2025,
  • अपडेटेड 12:27 AM IST

उत्तर बिहार का 'देवघर' कहे जाने वाले मुजफ्फरपुर स्थित बाबा गरीबनाथ धाम में सावन की शुरुआत के साथ कांवरियों की चहल-पहल शुरू हो गई है. इस बार श्रद्धालुओं की यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए जिला प्रशासन और नगर निगम ने एक अनोखा डिजिटल कदम उठाया है. कांवरियों के लिए श्रावणी मेला ऐप लॉन्च किया गया है. इसे गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है. इस मोबाइल ऐप के जरिए कांवरिया अब यात्रा के हर पड़ाव की जानकारी एक क्लिक में प्राप्त कर सकते हैं.

अच्छी पहल 
बाबा गरीबनाथ धाम में सावन का आगाज होने के साथ ही हर दिन कांवरियों की भारी भीड़ उमड़ रही है. श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन और नगर निगम ने मिलकर एक अभिनव डिजिटल पहल की है. श्रावणी मेला ऐप के जरिए अब कांवरिया बाबा के दर्शन से लेकर हर जरूरी जानकारी एक क्लिक में पा सकेंगे. श्रावणी मेला ऐप न सिर्फ यात्रा को आसान बनाएगा, बल्कि इसे सुरक्षित भी बनाएगा. इस ऐप के जरिए शिव भक्त वर्चुअल 12 ज्योतिर्लिंगों के भी दर्शन कर सकेंगे.

हर साल आते हैं लाखों श्रद्धालु
नगर आयुक्त विक्रम विरकर ने बताया कि श्रावणी मेला में हर साल लाखों श्रद्धालु आते हैं. उनकी सुविधा और सुरक्षा के लिए इस ऐप को तैयार किया गया है. यह एक डिजिटल पहल है जिससे यात्रा सुगम और सुरक्षित हो सके. इसके साथ ही यदि कोई श्रद्धालु भीड़ में अपने परिजनों से बिछड़ जाता है तो ऐप के माध्यम से जानकारी साझा की जा सकती है और त्वरित मदद मिल सकती है. आस्था और टेक्नोलॉजी का यह संगम, आने वाले वर्षों में श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है.

श्रावणी मेला ऐप की खासियत
1. श्रावणी मेला ऐप कांवरियों के लिए रूट मैप दिखाएगा, जिससे रास्ता भटकने की चिंता खत्म हो जाएगी.

2. ठहरने के स्थान, भोजनालय, मेडिकल सहायता केंद्र और खोया-पाया केंद्र की लोकेशन.

3. वर्चुअल दर्शन की सुविधा, जिससे श्रद्धालु घर बैठे बाबा गरीबनाथ ही नहीं, बल्कि 12 ज्योतिर्लिंगों के भी दर्शन कर सकेंगे.

4. नंदी वॉइस चैट, जो दृष्टिबाधित या अनपढ़ श्रद्धालुओं के लिए वरदान साबित होगा.

5. मेला में तैनात अधिकारियों के संपर्क नंबर, ताकि आपात स्थिति में तुरंत मदद मिल सके.

(मणि भूषण शर्मा की रिपोर्ट)


 

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