उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी में मणिकर्णिका घाट जंग का मैदान बन गया है. मूर्तियां क्षतिग्रस्त होने को लेकर सियासी घंमासान मचा है. वाराणसी में इसको लेकर प्रदर्शन भी किए गए. इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई. मणिकर्णिका घाट पर बुलडोजर चलने पर डोम राजा का क्या कहना है?
कुछ नहीं हुआ है- विश्वनाथ चौधरी
डोम राजा विश्वनाथ चौधरी का कहना है कि कुछ नहीं हुआ है. ये सुंदरीकरण का काम चल रहा है. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी से हमारे समाज के लोगों ने मुलाकात की थी तो उन्होंने मांग की थी कि सबका सुंदरीकरण करा रहे हैं तो हमारे घाट का सुंदरीकरण भी करा दीजिए. यहां पर बहुत दिक्कत होती है. शव यात्रियों को बैठने की जगह नहीं होती है. लड़की वाले जबरदस्ती कब्जा किए हुए हैं.
विश्वनाथ चौधरी ने कहा कि यहां पर सुंदरीकरण का काम चल रहा है. लेकिन कई लोग उसमें व्यवधान पैदा करने के लिए उसमें घुस जाते हैं. उन्होंने कहा कि यहां कोई मंदिर नहीं तोड़ा गया है. कोई भी पुरानी चीज को हटाकर ही नई चीज बनाई जाती है.
ये काम हमारी सहमति से हो रहा- डोम राजा
विश्वनाथ चौधरी कहना है कि ये मूर्तियां थीं, उसमें प्राण प्रतिष्ठा नहीं हुई थी. अहिल्याबाई होल्कर जो हैं, वो देवी थी नहीं. वो हमारे आपकी तरह धार्मिक व्यक्ति थीं. उन्होंने हमारे समाज के लिए बहुत कुछ किया. लेकिन उनकी मूर्ति नहीं तोड़ी गई है. उन्होंने कहा कि हम सब लोगों से बातचीत करके ही ये काम हो रहा है. हमारी सहमति से ये काम हो रहा है. यहां कोई मंदिर नहीं टूटा है.
सरकार के खिलाफ हो रही साजिश- डोम राजा
उन्होंने कहा कि जो टूटा है, वो एक चबूतरा था, उसपर स्मारक टाइप का बना था. उसपर अहिल्याबाई और दूसरे लोग भी थे. उसको निकालकर रखा गया है. नगर निगम की निगरानी में उसे रखा गया है. निर्माण पूरा होने के बाद उसे उसी जगह पर रखा जाएगा. उन्होंने कहा कि ये सिर्फ सरकार को बदनाम करने की कोशिश है, ये सरकार के खिलाफ साजिश हो रही है.
प्रदर्शन को लेकर उन्होंने कहा कि ये लोग चार घंटे बैठे, चले गए. 10 घंटा बैठे चले गए. हम लोग यहां बचपन से रह रहे हैं. हम लोगों से ज्यादा यहां कौन जानता है. हम लोगों की जिंदगी यहां बीत रही है.
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