scorecardresearch

घर में एक ही भगवान की कई मूर्तियां रखना सही या गलत? जानिए क्या कहती है हिंदू मान्यता

हिंदू धर्म में मूर्ति को ईश्वर का प्रतीक माना जाता है. यह माना जाता है कि भगवान किसी एक रूप या आकार में सीमित नहीं हैं. ईश्वर अनंत हैं और उन्हें कई रूपों में पूजा जा सकती है. इसलिए एक ही भगवान की एक से अधिक मूर्तियां घर में रखना गलत नहीं माना जाता. यहां सबसे महत्वपूर्ण चीज संख्या नहीं, बल्कि आपकी श्रद्धा और भावना है.

एक ही देवता की कई मूर्तियां रखना ठीक है? एक ही देवता की कई मूर्तियां रखना ठीक है?

अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि क्या घर में एक ही भगवान की दो या तीन मूर्तियां रखना ठीक है. कई बार किसी त्योहार पर, किसी यात्रा से लौटते समय या फिर उपहार के रूप में घर में नई मूर्तियां आ जाती हैं. धीरे-धीरे पूजा स्थान में एक ही देवी-देवता की एक से ज्यादा प्रतिमाएं हो जाती हैं. ऐसे में परिवार के लोग असमंजस में पड़ जाते हैं कि कहीं यह अशुभ तो नहीं, या भगवान का अपमान तो नहीं. चलिए इस सवाल का सही जवाब जानते हैं.

हिंदू धर्म में मूर्ति को ईश्वर का प्रतीक माना जाता है. यह माना जाता है कि भगवान किसी एक रूप या आकार में सीमित नहीं हैं. ईश्वर अनंत हैं और उन्हें कई रूपों में पूजा जा सकती है. इसलिए एक ही भगवान की एक से अधिक मूर्तियां घर में रखना गलत नहीं माना जाता. यहां सबसे महत्वपूर्ण चीज संख्या नहीं, बल्कि आपकी श्रद्धा और भावना है.

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अगर मूर्तियों को साफ-सुथरा रखा जाए, उनका सम्मान किया जाए और सही जगह पर स्थापित किया जाए, तो एक से ज्यादा मूर्तियां रखना पूरी तरह स्वीकार्य है. कई घरों में ऐसा देखने को मिलता है. जैसे गणेश जी की एक छोटी मूर्ति रोज की पूजा के लिए और एक बड़ी या सजावटी मूर्ति त्योहारों के लिए रखी जाती है. कहीं कृष्ण जी की एक मूर्ति मंदिर में होती है और दूसरी घर के किसी खास स्थान पर. यह सब सामान्य और मान्य है.

इन बातों का रखें ध्यान
हालांकि, यह जरूरी है कि मूर्तियों की उपेक्षा न हो. उन्हें ऐसी जगह न रखें जहां धूल जमे या जहां ध्यान न दिया जाए. अगर घर में बहुत सारी मूर्तियां हो गई हैं और सभी की ठीक से देखभाल करना संभव नहीं है, तो कम मूर्तियां रखना ही बेहतर माना जाता है. साफ और सादा पूजा स्थान मन को शांति देता है. बहुत ज्यादा भीड़ वाला मंदिर कई बार मन को भटका सकता है.

रोज की पूजा कैसे करें
अगर घर में एक से अधिक मूर्तियां हैं, तो रोज की पूजा के लिए किसी एक मूर्ति को चुन लें. उसी के सामने दीपक जलाएं, फूल चढ़ाएं और प्रार्थना करें. बाकी मूर्तियां भी पूजा स्थान में रहें, लेकिन उन पर रोज़ का अनुष्ठान जरूरी नहीं. इससे पूजा सरल रहती है और मन एकाग्र रहता है.

ये भी पढ़ें: