कई लोग मंदिर, गुरुद्वारा या अन्य धार्मिक स्थलों से मिला कड़ा प्रसाद के रूप में धारण करते हैं, जबकि कुछ लोग इसे अपनी पसंद के अनुसार पहनते हैं. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कड़ा केवल एक गहना नहीं है, बल्कि यह ग्रहों के प्रभाव से भी जुड़ा माना जाता है. मान्यता है कि सही धातु का कड़ा पहनने से जीवन में सकारात्मक बदलाव आ सकते हैं, जबकि गलत धातु का चयन परेशानी भी बढ़ा सकता है. इसलिए कड़ा पहनने से पहले उसकी धातु और उससे जुड़े ग्रहों के प्रभाव को जानना जरूरी माना जाता है.
सोने का कड़ा दिला सकता है सफलता
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सोने का संबंध सूर्य और देव गुरु बृहस्पति से माना जाता है. सोने का कड़ा पहनने से करियर में प्रगति, सम्मान, प्रतिष्ठा और आर्थिक सुख-सुविधाओं में वृद्धि हो सकती है. यह व्यक्ति के आत्मविश्वास और प्रभाव को भी बढ़ाने वाला माना जाता है. साथ ही कुंडली में सूर्य और गुरु से जुड़े दोषों को कम करने में मददगार बताया गया है.
चांदी का कड़ा देता है मानसिक शांति
चांदी का संबंध चंद्रमा से माना जाता है, जो मन और भावनाओं का कारक ग्रह है. चांदी का कड़ा पहनने से मन शांत रहता है और एकाग्रता बढ़ती है. यह तनाव, गुस्से और मानसिक अशांति को कम करने में सहायक माना जाता है. ज्योतिष के अनुसार इससे चंद्र दोष भी कमजोर होता है.
लोहे या स्टील का कड़ा हर किसी के लिए नहीं
लोहे और स्टील का संबंध शनि ग्रह से माना जाता है. ज्योतिषियों के अनुसार यह कड़ा केवल उन्हीं लोगों को पहनना चाहिए जिनकी कुंडली में शनि दोष हो या जिन पर साढ़ेसाती अथवा ढैय्या का प्रभाव चल रहा हो. बिना सलाह के इसे पहनना उचित नहीं माना जाता.
पीतल और तांबे के कड़े के फायदे
पीतल का संबंध गुरु ग्रह से माना जाता है. इसे पहनने से आध्यात्मिक रुचि बढ़ती है और व्यक्ति का मन पूजा-पाठ व धार्मिक कार्यों में लगता है. वहीं तांबे का कड़ा सूर्य ग्रह से जुड़ा माना जाता है. करियर और व्यापार में उन्नति की इच्छा रखने वाले लोगों के लिए इसे लाभकारी बताया जाता है.
अष्टधातु का कड़ा भी है खास
अष्टधातु का कड़ा आठ अलग-अलग धातुओं से मिलकर बनाया जाता है. ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार इसे पहनने से अच्छी सेहत, सुरक्षा और सौभाग्य की प्राप्ति हो सकती है. इसे सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक भी माना जाता है.
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