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Sawan 2025: सावन में भगवान शिव की आराधना से विवाह की बाधाएं होंगी दूर, जानिए महादेव को प्रसन्न करने के अचूक उपाय

सावन महीने में भगवान शिव की आराधना करने से विवाह की बाधाएं दूर हो जाती हैं. उम्र के अनुसार विशेष पूजा विधि अपनाकर मनचाहा रिश्ता पाया जा सकता है. आइए जानते हैं कैसे? 

Worshiping Shiva in Sawan
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 26 जुलाई 2025,
  • अपडेटेड 3:56 AM IST

सावन का महीना हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है. यह माह भगवान शिव को प्रिय है. सावन में भेलेनाथ की आराधना की जाती है. इस महीने में भगवान शंकर भक्तों का ध्यान स्वयं रखते हैं. भोलेनाथ की कृपा से हर उलझन सुलझ जाती है और जीवन में खुशहाली के द्वार खुल जाते हैं. यदि शादी में लगातार अड़चनें आ रही हैं या नया रिश्ता जोड़ने की कोशिशें नाकाम हो रही हैं, तो सावन में शिव-पार्वती की उपासना से विवाह की बाधाएं दूर हो सकती हैं.

शिव आराधना का महत्व
सावन में शिव आराधना का विशेष महत्व है. भगवान शिव को 'आशुतोष' कहा जाता है, जो अपने भक्तों की प्रार्थना तुरंत स्वीकार करते हैं. शिव और पार्वती की संयुक्त पूजा से न केवल विवाह शीघ्र होता है, बल्कि वैवाहिक जीवन की बाधाएं भी दूर होती हैं. शिवलिंग पर जल चढ़ाने, पीले वस्त्र धारण करने और विशेष मंत्रों का जाप करने से विवाह में आ रही समस्याओं का समाधान संभव है.

भगवान शिव की पूजा कभी अकेले नहीं होती. शिवलिंग के नीचे से अरघा हटाने पर शिव का अस्तित्व समाप्त हो जाता है. शिव शक्ति के बिना अधूरे हैं, इसलिए शिव की पूजा हमेशा गौरी के साथ की जाती है. गौरीशंकर के नाम से शिव और पार्वती की संयुक्त पूजा का विशेष महत्व है. श्रद्धा और भक्ति से शिव आराधना करने पर भक्तों की सभी परेशानियां दूर हो जाती हैं.

विवाह में बाधा के पीछे होते हैं छह अवगुण 
विशेषज्ञों ने बताया कि विवाह में बाधा के पीछे छह अवगुण होते हैं. इन अवगुणों को दूर करने के लिए सावन में भगवान शिव का अभिषेक करना चाहिए. अभिषेक के लिए हरी धुर्वा, काली मिर्च, पीसी भांग की गोली और गिलोय को कूटकर उसमें गंगाजल और गऊ का दूध मिलाकर खटरस तैयार करें. इस खटरस से शिवलिंग का अभिषेक करने पर विवाह में आ रही बाधाएं समाप्त हो जाती हैं. सावन में शिव जी को सफेद चंदन लगाकर जल अर्पित करने से दांपत्य जीवन की समस्याएं भी दूर हो सकती हैं. 

विवाह में बाधाओं के कारण
कुंडली के दोष, ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति और सप्तम भाव में पाप ग्रहों की उपस्थिति विवाह में बाधा उत्पन्न कर सकती है. इन समस्याओं को दूर करने के लिए सावन में शिव आराधना और विशेष उपायों का पालन करना चाहिए. ओम गौरी शंकराय नमः मंत्र का जाप और शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाने से विवाह की बाधाएं समाप्त हो सकती हैं.

 24 से 28 साल की उम्र के लिए उपाय
आपकी उम्र 24 से 28 साल के बीच है और विवाह में अड़चनें आ रही हैं, तो सावन में पीले वस्त्र धारण करें. भगवान शिव और पार्वती को संयुक्त रूप से एक माला अर्पित करें और ऊं गौरी शंकराय नमः का जप करें. यह प्रक्रिया लगातार 9 दिनों तक करने से शीघ्र विवाह का वरदान प्राप्त हो सकता है.

25 से 30 साल की उम्र के लिए उपाय
अगर आपकी उम्र 25 से 30 साल के बीच है और विवाह में बाधा आ रही है, तो सावन में पीले वस्त्र पहनकर शिवलिंग पर सुगंध और जल अर्पित करें. ऊं पार्वती पतये नमः का 108 बार जप करें. यह प्रक्रिया लगातार 9 दिनों तक करने से आपकी मनोकामना पूर्ण हो सकती है. शिव आराधना से विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन की परेशानियां दूर हो जाती हैं.

30 साल से अधिक उम्र वालों के लिए उपाय
अगर आपकी उम्र 30 साल से अधिक है और विवाह में बाधा आ रही है, तो सावन में शिव आराधना के विशेष उपाय अपनाएं. शिवलिंग पर जल चढ़ाएं और ऊं नमो भगवते रुद्राय मंत्र का जप करें. यह मंत्र शीघ्र फल देता है और जीवन की सभी बाधाओं को दूर करता है. शिव की उपासना से भय, बाधा, विपत्ति और रोगों का नाश होता है.

 

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