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Human Psychology: क्यों Deadline से भागते हैं लोग? क्या काम नहीं करना चाहते... जानें क्या कहती है साइकोलॉजी?

अक्सर लोगों को काम पूरा करने के लिए डेडलाइन दे दी जाती है. लेकिन हर कोई डेडलाइन पसंद करे ऐसा जरूरी नहीं. बहुत से लोग हैं, जो डेडलाइन से भागते हैं. लेकिन इसके पीछे का कारण यह नहीं कि वह काम नहीं करना चाहते बल्कि कई ऐसे कारण है जो केवल साइकोलॉजी ही बता सकती है.

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gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 08 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 2:11 PM IST

दफ्तरों में लोगों को काम पूरा करने के लिए डेडलाइन दी जाती है. इसका एक मकसद होता है कि व्यक्ति एक तय समय तक उस काम को पूरा कर दें. लोग सोचते हैं कि डेडलाइन देने से लोग मोटिवेट होकर उस कार को जल्दी कर देंगे. लेकिन कुछ लोगों के लिए डेडलाइन मोटिवेशन बढ़ाने के बजाय टेंशन और चिड़चिड़ापन बढ़ा देती है. ऐसे लोग काम करना पसंद कर सकते हैं, लेकिन तय समय में काम पूरा करने का प्रेशर उन्हें परेशान करता है. साइकोलॉजी की मानें तो इस तरह के बिहेवियर के पीछे कई वजह हो सकती है.

डेडलाइन से क्यों बढ़ता है प्रेशर?

कुछ लोगों के दिमाग में डेडलाइन काम करने की इच्छा बढ़ाने के बजाय खतरे जैसा असर पैदा करती है. समय कम होने पर उनका ध्यान केवल काम खत्म करने पर चला जाता है. उन्हें लगता है अगर डेडलाइन पर काम नहीं किया तो डांट पड़ सकती है. इससे वह नए आइडिया और क्रिएटिव तरीके से काम नहीं कर पाते हैं. जिसका सीधा असर काम की क्वालिटी पर पड़ता है.

आजादी में काम पसंद करने वाले लोग

कुछ लोग अपने काम का तरीका और समय खुद तय करना पसंद करते हैं. साइकोलॉजी की Self-Determination Theory के अनुसार, व्यक्ति के लिए अपनी पसंद और कंट्रोल की भावना बहुत जरूरी है. ऐसे लोगों को जब कोई तय समय सीमा दी जाती है, तो उन्हें लग सकता है कि उनके काम करने की आजादी कम हो रही है.

हर व्यक्ति समय को एक जैसा नहीं देखता

कुछ लोग घड़ी और तय समय के हिसाब से काम करते हैं. वहीं कुछ लोग काम पूरा होने को ज्यादा ध्यान देते हैं. ऐसे लोगों को लगता है कि केवल घड़ी में समय खत्म होने से काम पूरा नहीं हो जाता. इसलिए उन्हें हार्ड डेडलाइन ज्यादा परेशान कर सकती है.

परफेक्शनिज्म भी हो सकता है कारण

जो लोग हर काम को बिल्कुल सही करना चाहते हैं, उनके लिए डेडलाइन ज्यादा तनाव वाली हो सकती है. उन्हें डर रहता है कि कम समय में काम पूरा करने से क्वालिटी कम हो जाएगी. ऐसे में डेडलाइन उन्हें काम की स्पीड के बजाय समझौते जैसी लग सकती है.

काम के साथ जुड़ा हो सकता है डर

कई बार डेडलाइन का डर असल में काम का डर नहीं होता. व्यक्ति को चिंता होती है कि काम जमा करने के बाद दूसरे लोग उसे देखेंगे और उसकी काम समय पर पूरा न करते की बात करेंगे. इसलिए वह डेडलाइन से बचने लगता है.

 

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