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Starliner Spacecraft ने ऑर्बिट में भेजा पहला एस्ट्रोनॉट क्रु, तीसरी बार स्पेस में जाएंगे ये दोनों एस्ट्रोनॉट, जानिए इनके बारे में

NASA के दो सीनियर एस्ट्रोनॉट्स बोइंग के CST-100 स्टारलाइनर स्पेस कैप्सूल के पहले क्रु मेंबर हैं और इसे फ्लोरिडा से एक टेस्ट फ्लाइट में स्पेस में लॉन्च किया गया है.

Barry "Butch" Wilmore and Sunita "Suni" Williams (Photo: X.com/@Space_Station)
gnttv.com
  • नई दिल्ली ,
  • 06 जून 2024,
  • अपडेटेड 12:08 PM IST

आखिरी मिनट की तकनीकी समस्याओं के कारण हुई देरी के बाद, बोइंग के नए स्टारलाइनर एस्ट्रोनॉट कैप्सूल को दो अंतरिक्ष यात्रियों के साथ एक टेस्ट फ्लाइट में बुधवार को फ्लोरिडा से लॉन्च किया गया था. सात सीटों वाले स्टारलाइनर के पहले क्रु में नासा के दो अनुभवी अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं - एक रिटायर्ड अमेरिकी नौसेना कप्तान और लड़ाकू पायलट, बैरी "बुच" विल्मोर, और पूर्व-नौसेना हेलीकॉप्टर टेस्टिंग पायलट, सुनीता "सुनी" विलियम्स,, जिनके पास 30 से ज्यादा अलग-अलग एयरक्राफ्ट फ्लाइंग का अनुभव है. 

बैरी "बुच" विल्मोर और सुनीता "सुनी" विलियम्स गुरुवार को इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) की कक्षा में पहुंचने से पहले स्टारलाइनर के मैनुअल कंट्रोल की टेस्टिंग करने के लिए तैयार हैं और यह तीसरी बार होगा जब दोनों एस्ट्रोनॉट ISS पहुंचेंगे. 

विल्मोर ने किए हैं 21 कॉम्बैट मिशन  
61 वर्षीय रिटायर्ड अमेरिकी नौसेना कप्तान विल्मोर ने 1990 के दशक में पहले अमेरिकी खाड़ी युद्ध के दौरान 21 कॉम्बैट मिशन सहित एयरक्राफ्ट कैरियर के डेक से फाइटर जेट उड़ाकर चार ऑपरेशनल डिप्लॉयमेंट पूरी कीं. साल 2000 में नासा अंतरिक्ष यात्री कोर में शामिल होने से पहले उन्होंने नेवी टेस्ट पायलट और फ्लाइट इंस्ट्रक्टर के रूप में भी काम किया. 

उन्होंने पहली बार 2009 में नासा के अंतरिक्ष शटल पायलट के रूप में अंतरिक्ष स्टेशन के लिए उड़ान भरी, और 2014 में ऑरबिटिंग लैब में लौट आए. दो अंतरिक्ष यात्रियों के साथ एक रूसी सोयुज अंतरिक्ष यान पर सवार होकर - एक लंबी अवधि के मिशन के लिए लॉन्च किया और इस दौरान उन्होंने स्टेशन कमांडर के रूप में कई महीने तक काम किया. आज तक, विल्मोर ने अंतरिक्ष में 178 दिन और चार स्पेसवॉक दर्ज किए हैं. 

टेनेसी से आने वाले विल्मोर ने टेनेसी टेक यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है. वह कॉलेज फुटबॉल टीम का हिस्सा थे. विल्मोर के पास इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और एविएशन सिस्टम्स में एडवांस्ड डिग्री है. 

भारतीय-अमेरिकी एस्ट्रोनॉट हैं सुनीता 
30 से ज्यादा अलग-अलग रोटरी विमानों को उड़ाने का अनुभव रखने वाल पूर्व नौसेना हेलीकॉप्टर पायलट, 58 वर्षीय सुनीता विलियम्स को पहले खाड़ी युद्ध के दौरान हेलीकॉप्टर कॉम्बैट सपोर्ट स्क्वाड्रन के हिस्से के रूप में तैनात किया गया था. बाद में उन्होंने तूफान एंड्रयू के बाद फ्लोरिडा में नौसेना के आपदा राहत अभियानों के सपोर्ट में फ्लाइंग की.

1998 में नासा के अंतरिक्ष यात्री कार्यक्रम के लिए चुने जाने से पहले वह एक रोटरी एयरक्राफ्ट इंस्ट्रक्टर के रूप में नवल टेस्ट पायलट स्कूल में थीं. विल्मोर की तरह, विलियम्स ने पहली बार एक अंतरिक्ष यान पर सवार होकर अंतरिक्ष स्टेशन के लिए उड़ान भरी और दो अंतरिक्ष यात्रियों के साथ सोयुज यात्री के रूप में वापसी की. उनके दोनों आईएसएस दौरे - 2006-2007 और 2012 में - लंबी अवधि के विज्ञान अभियान थे. 

विलियम्स ने एक अंतरिक्ष यान के बाहर ऑर्बिट में एक महिला द्वारा सबसे ज्यादा समय बिताने का विश्व रिकॉर्ड बनाया था, जिसमें सात स्पेसवॉक के दौरान कुल 50 घंटे और 40 मिनट का समय लगा था. साल 2012 में अपने दूसरे आईएसएस मिशन के दौरान, विलियम्स स्टेशन के कमांडर के रूप में नामित दूसरी महिला बनीं. 

एक शौकीन एथलीट, विलियम्स 2007 में अंतरिक्ष में मैराथन पूरी करने वाले पहले व्यक्ति बने, उन्होंने अंतरिक्ष स्टेशन के ट्रेडमिल पर ऑर्बिट से बोस्टन मैराथन में वर्चुअल प्रतिस्पर्धा करते हुए चार घंटे और 24 मिनट में दूरी तय की. विलियम्स ने 2012 में अंतरिक्ष में पहला ट्रायथलॉन पूरा किया. अब तक, विलियम्स ने अंतरिक्ष में कुल 322 दिन बिताए हैं, और अब एक नए ऑर्बिटल स्पेसक्राफ्ट के उद्घाटन क्रू मिशन पर उड़ान भरने वाली पहली महिला बनकर फिर से इतिहास रच दिया है.

 

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