भारतीय महिला कबड्डी टीम ने एशियन गेम्स के फाइनल मुकाबले में ईरान को 37-34 के कड़े अंतर से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया. इस ऐतिहासिक जीत में हरियाणा के चरखी दादरी जिले के गांव बिलावल की बहू और ऑलराउंडर खिलाड़ी रितु श्योराण ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. रितु के परिजनों ने पूरा मैच लाइव देखा और टीम की जीत के बाद मिठाई बांटकर खुशी मनाई. महिला कबड्डी टीम की जीत और रितु श्योराण के शानदार प्रदर्शन के बाद उनके पति नसीब जांगू ने खुशी जाहिर की. उन्होंने भारतीय महिला कबड्डी टीम को गोल्ड मेडल जीतने पर बधाई दी. नसीब जांगू ने कहा कि वह सभी देशवासियों, खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ और कबड्डी फेडरेशन को इस जीत के लिए बधाई और धन्यवाद देते हैं. उन्होंने कहा कि फेडरेशन और देशवासियों के समर्थन व आशीर्वाद से ही टीम आज इस मुकाम तक पहुंची है.
वाइब्रेंट कबड्डी एकेडमी में सालों की मेहनत
नसीब जांगू ने बताया कि रितु राइट कवर पोजीशन पर खेलती हैं. पिछले तीन-चार वर्षों से वह हंसावास स्थित ‘वाइब्रेंट कबड्डी एकेडमी’ में उनके साथ लगातार अभ्यास कर रही हैं. उन्होंने बताया कि जब भी रितु को सब्स्टिट्यूट के तौर पर या कोर्ट में खेलने का अवसर मिला, उन्होंने अपना शत-प्रतिशत देकर टीम के लिए अहम योगदान दिया. ऑलराउंडर के रूप में रितु का यह प्रदर्शन पूरे परिवार और देश के लिए गर्व का विषय है.
अब राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारी
नसीब जांगू ने कहा कि एशियन गेम्स कबड्डी जगत का एक बेहद बड़ा मंच है और यहां स्वर्ण पदक जीतना बहुत बड़ी उपलब्धि है. उन्होंने कहा कि इस जीत से मिले अनुभव और जो कमियां रही हैं, उन पर काम करते हुए आगे की तैयारी की जाएगी. उन्होंने बताया कि उनका अगला लक्ष्य आगामी कॉमनवेल्थ गेम्स यानी राष्ट्रमंडल खेल रहेगा. इसके लिए वे पूरी लगन से मेहनत जारी रखेंगे.
देशवासियों की दुआओं से मिली सफलता
स्वर्ण पदक विजेता रितु श्योराण ने कहा कि एशियन गेम्स में यह उनका तीसरा मेडल है और गोल्ड जीतकर उन्हें बेहद खुशी हो रही है. उन्होंने कहा कि पूरे देशवासियों के विश्वास और दुआओं की बदौलत आज टीम इस मुकाम तक पहुंची है. रितु ने अपने कोच, पूरी टीम और एकेएफआई व एकेएच फेडरेशन का आभार जताया. उन्होंने मंत्री कृष्ण लाल पंवार और चेयरमैन कुलदीप दलाल का धन्यवाद करते हुए कहा कि वे कबड्डी को निरंतर बढ़ावा देने के साथ खिलाड़ियों को मोटिवेशन देते हैं. रितु ने अपने पति और कोच नसीब जांगू का भी आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि उनकी कराई कड़ी प्रैक्टिस के दम पर ही वह गोल्ड जीतने में सफल रही हैं.
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