FIFA World Cup 2026 Trionda Football: इस बार ट्रियोंडा फुटबॉल से खेला जाएगा फीफा वर्ल्ड कप, मैच से पहले चार्ज होगी गेंद, जानें मैदान पर क्या-क्या कमाल करेगी पाकिस्तान में बनी यह स्मार्ट बॉल?

Trionda Football: फीफा वर्ल्ड कप 2026 को लेकर पूरी दुनिया में धूम है. इस महामुकाबले में चैंपियन बनने के लिए दुनिया की 48 टीमें एक-दूसरे से भिड़ेंगी. इस बार फीफा विश्व कप की आधिकारिक गेंद की दुनिया भर में खूब चर्चा हो रही है. इस गेंद का नाम ट्रायोंडा है. इस फुटबॉल में इनर्शियल मेजरमेंट यूनिट सेंसर लगा है, जो प्रति सेकेंड 500 बार डेटा वीडियो असिस्टेंट रेफरी को भेजेगा. यदि कोई खिलाड़ी ऑफ-साइड होता है या बॉल हाथ से लगती है तो यह गेंद खुद रेफरी को अलर्ट कर देगी. आइए जानते हैं मैदान पर क्या-क्या कमाल करेगी पाकिस्तान में बनी यह स्मार्ट बॉल?

Trionda Football
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 11 जून 2026,
  • अपडेटेड 11:18 AM IST

फुटबॉल का सबसे बड़ा टूर्नामेंट फीफा वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत 11 जून से हो रही है. फुटबॉल के इस महासंग्राम में पहली बार 48 टीमें हिस्सा ले रही हैं. कुल 104 मैच खेले जाएंगे. इस बार विश्व कप की मेजबानी तीन देश अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको कर रहे हैं. इस बार खिलाड़ियों से ज्यादा उस फुटबॉल की चर्चा हो रही है, जिससे फीफा वर्ल्ड कप 2026 के मैच खेले जाएंगे. इस गेंद का नाम ट्रायोंडा (Trionda) रखा गया है. ट्रायोंडा फुटबॉल को पाकिस्तान ने बनाया है. आपको मालूम हो कि ट्रायोंडा कोई आम फुटबॉल नहीं है, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक सेंसर तकनीक का एक बेहतरीन नमूना है. यदि कोई खिलाड़ी ऑफ-साइड होता है या बॉल हाथ से लगती है तो यह गेंद खुद रेफरी को अलर्ट कर देगी. आइए जानते हैं मैदान पर और क्या-क्या कमाल करेगी पाकिस्तान में बनी यह स्मार्ट बॉल?

ट्रियोंडा बॉल के अंदर लगा है आईएमयू सेंसर 
आपको मालूम हो कि दुनिया की सबसे एडवांस फुटबॉल बनाने वाले देशों में पाकिस्तान का नाम आता है. दुनिया भर में खेली जाने वाली 70 प्रतिशत फुटबॉल का उत्पादन सियालकोट शहर में होता है. यहां हर साल 4 करोड़ से अधिक फुटबॉल बनाया जाता है. सियालकोट में बनी ट्रियोंडा बॉल के अंदर एक खास 14 ग्राम का आईएमयू सेंसर लगाया गया है. यह सेंसर हर सेकेंड 500 बार बॉल की पोजीशन, रफ्तार और घूमने की दिशा नोट करता है. यह  सारा डेटा सीधे VAR रूम में पहुंचता है. कोई खिलाड़ी ऑफसाइड हुआ या बॉल हाथ से लगी, इसके लिए रेफरी को रिप्ले में टाइम बर्बाद नहीं करना पड़ेगा. ट्रायोंडा बॉल खुद बता देगी कि टच किसका था. ट्रायोंडा लगा सेंसर गेंद की 3डी गतिविधि रिकॉर्ड करता है.

मैच से पहले चार्ज होगी गेंद
ट्रियोंडा के अंदर एडवांस बैटरी और इलेक्ट्रॉनिक सर्किट लगे हैं. मैच से पहले बिल्कुल आपके स्मार्टफोन की तरह  ट्रियोंडा फुटबॉल को भी चार्जिंग पर लगाना पड़ता है. चार्ज होने के बाद यह गेंद पूरे 90 मिनट तक लाइव जीपीएस ट्रैकर की तरह काम करेगी और हर मूवमेंट का डेटा भेजती रहेगी. 

...तो सटीक पता चलेगा
ट्रियोंडा बॉल स्टेडियम में लगे कई सेंसर्स के साथ मिलकर रियल-टाइम में डेटा भेजेगी. इस गेंद से सटीक ट्रैकिंग में मदद मिलेगी. खिलाड़ियों की हर मूवमेंट और बॉल पर उनके टच का सटीक पता चलेगा. रेफरी को ट्रियोंडा बॉल में लगे स्मार्ट सेंसर्स की सहायता से गोल-लाइन जजमेंट और हैंडबॉल का पता लगाने में आसानी होगी. दर्शकों को टीवी स्क्रीन पर लाइव दिखेगा कि किसी खिलाड़ी ने कितनी जोर से किक मारी है और हवा में बॉल कितनी स्पिन हुई. आपको मालूम हो कि मैच समाप्त होने के बाद ट्रियोंडा बॉल के डेटा से खिलाड़ियों को उनके गेमप्ले का 3D मॉडल भी मिलेगा. इससे वे अपनी कमियां सुधार सकेंगे.

हवा में उड़ते समय भटकेगी नहीं बॉल
एडिडास ने ट्रियोंडा बॉल का डिजाइन पूरी तरह बदल दिया है. इसे सिर्फ चार पैनलों से थर्मल बॉन्डिंग तकनीक से जोड़ा गया है. बॉल की सतह पर तीन गहरी लकीरें यानी ग्रूव्स और बारीक बनावट दी गई है. इससे हवा में उड़ते वक्त बॉल भटकेगी नहीं. शॉट मारने पर प्लेयर को ज्यादा कंट्रोल मिलेगा और बॉल का स्विंग भी बेहतर होगा.

क्या है ट्रियोंडा का मतलब
ट्रियोंडा का मतलब होता है तीन लहरें. ट्रियोंडा बॉल पर बने लाल, नीले और हरे रंग के डिजाइन तीनों मेजबान देशों की कहानी कहते हैं. इसमें कनाडा का लाल रंग की मेपल लीफ, मैक्सिको का हरे रंग का ईगल और अमेरिका के झंडे में दिखने वाले नीले सितारे को जगह दी गई है. इस तरह से ट्रियोंडा बॉल तीनों देशों की एकता का सिंबल भी है.

 

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