ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है. मंगलवार को भारत की झोली में दो और रजत पदक आए. वेटलिफ्टर हरजिंदर कौर और लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह ने अपने-अपने मुकाबलों में सिल्वर मेडल जीतकर देश का नाम रोशन कर दिया है. इन दोनों पदकों के साथ भारत की कुल पदक संख्या 12 हो गई है. अब तक भारत के खाते में 2 स्वर्ण, 7 रजत और 3 कांस्य पदक आ चुके हैं. फिलहाल भारत पदक तालिका में 9वें स्थान पर है और आने वाले मुकाबलों में पदकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है.
69 किलोग्राम भारवर्ग में हरजिंदर कौर ने दिखाया दम
महिला 69 किलोग्राम भारवर्ग की वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में 29 वर्षीय हरजिंदर कौर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया. उन्होंने स्नैच में 101 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 126 किलोग्राम वजन उठाया. इस तरह उनका कुल स्कोर 227 किलोग्राम रहा, जिसके दम पर उन्होंने दूसरा स्थान हासिल किया.
इस मुकाबले में इंग्लैंड की एमिली कैंपबेल ने 237 किलोग्राम (106 और 131 किलोग्राम) का कुल वजन उठाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया. हरजिंदर ने पूरे मुकाबले में बेहतरीन लिफ्ट लगाते हुए भारत को एक और सिल्वर मेडल दिलाया.
गुलवीर सिंह ने 10,000 मीटर दौड़ में रचा इतिहास
एथलेटिक्स की पुरुष 10,000 मीटर दौड़ में गुलवीर सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीता. उन्होंने 27 मिनट 50.74 सेकेंड में दौड़ पूरी कर दूसरा स्थान हासिल किया. इस उपलब्धि के साथ गुलवीर सिंह कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में पुरुष 10,000 मीटर स्पर्धा में पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए. इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक युगांडा के जेकब किप्लिमो ने 27 मिनट 08.74 सेकेंड के समय में दौड़ पूरा करके जीता.
भारत के लिए यादगार रहा दिन
हरजिंदर कौर और गुलवीर सिंह दोनों ने अपने-अपने खेल में शानदार प्रदर्शन कर भारत का गौरव बढ़ाया है. एक ओर हरजिंदर ने वेटलिफ्टिंग में भारत की मजबूत परंपरा को आगे बढ़ाया, तो दूसरी ओर गुलवीर सिंह ने भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया. इन दोनों सिल्वर मेडल ने भारतीय दल का मनोबल भी बढ़ाया है.
बॉक्सिंग में भी पक्के हुए तीन पदक
भारत के लिए दिन सिर्फ दो सिल्वर मेडल तक सीमित नहीं रहा. भारतीय मुक्केबाजों ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल में जगह बना ली है. इसके साथ ही भारत के खाते में कम से कम तीन और पदक पक्के हो गए हैं, क्योंकि कॉमनवेल्थ गेम्स में सेमीफाइनल में पहुंचने वाले मुक्केबाजों का कांस्य पदक सुनिश्चित हो जाता है. भारतीय खिलाड़ी अभी कई स्पर्धाओं में चुनौती पेश कर रहे हैं. बॉक्सिंग, एथलेटिक्स, वेटलिफ्टिंग और अन्य खेलों में भारत के पास पदकों की संख्या बढ़ाने का अच्छा मौका है. ऐसे में आने वाले मुकाबलों में भारतीय दल से और मेडल जीतने की उम्मीद बनी हुई है.
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