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1996 के बाद फिर से चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी को लेकर तैयार पाकिस्तान, ICC ने जताया भरोसा

ICC ने भरोसा जताया है कि साल 2025 में पाकिस्तान में खेले जानी वाली चैंपियंस ट्रॉफी अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ेगी. आईसीसी ने पिछले हफ्ते पाकिस्तान को 2025 चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी का अधिकार दिया था. इस तरह से पाकिस्तान में दो दशकों से अधिक समय के बाद से प्रमुख क्रिकेट आयोजनों की वापसी की वापसी होगी.

gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 23 नवंबर 2021,
  • अपडेटेड 10:55 AM IST
  • 2009 में श्रीलंकाई टीम की बस पर हुआ था हमला
  • भारत की भागीदारी पर फैसला अभी नहीं

ICC ने भरोसा जताया है कि साल 2025 में पाकिस्तान में खेले जानी वाली चैंपियंस ट्रॉफी अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ेगी. आईसीसी ने पिछले हफ्ते पाकिस्तान को 2025 चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी का अधिकार दिया था. इस तरह से पाकिस्तान में दो दशकों से अधिक समय के बाद से प्रमुख क्रिकेट आयोजनों की वापसी की वापसी होगी. 

2009 में श्रीलंकाई टीम की बस पर हुआ था हमला
आखिरी बार पाकिस्तान ने अपनी सरजमीं पर ICC का आयोजन तब किया था, जब उसने भारत और श्रीलंका के साथ 1996 विश्व कप की सह-मेजबानी की थी. इसके बाद साल 2009 में लाहौर में श्रीलंकाई टीम की बस पर हुए आतंकवादी हमले के बाद से पाकिस्तान कोई अंतरराष्ट्रीय खेलों की मेजबानी नहीं कर पाया. पीटीआई की बात का जवाब देते हुए आईसीसी के अध्यक्ष ग्रेग बार्कले ने कहा, "इसका जवाब हां है, हम अब तक क्या देख रहे हैं, बिल्कुल टीमें यात्रा करेंगी."

बार्कले ने कहा, "आईसीसी क्रिकेट आयोजन कई वर्षों के बाद पाकिस्तान में वापस आ रहा है. पिछले कुछ हफ्तों में जो हुआ उसे छोड़कर यह सब बिना किसी मुद्दे के आगे बढ़ गया है." उनकी इस बात पर आईसीसी के सीईओ Geoff Allardice भी सहमत हुए. सितंबर में न्यूजीलैंड और इंग्लैंड ने सुरक्षा चिंताओं के कारण पाकिस्तान के अपने द्विपक्षीय दौरे से हाथ खींच लिए थे.

भरोसा नहीं होता तो अधिकार नहीं देते
बार्कले ने सफाई देते हुए कहा कि गवर्निंग बॉडी को अगर इस बात पर भरोसा नहीं होता कि यह आयोजन सफलतापूर्वक हो जाएगा तो वो पाकिस्तान को मेजबानी का अधिकार कभी नहीं देता.
"हमें लगता है कि यह पाकिस्तान के लिए बेहतरीन मौका है. उसे काफी लंबे समय बाद किसी वर्ल्ड इवेंट को होस्ट करने का मौका मिलेगा जोकि काफी समय से बंद था." टूर्नामेंट में भारत की भागीदारी पर अभी भी संदेह बरकरार है क्योंकि भारत में आतंकी हमलों के बाद राजनयिक तनाव के कारण 2012 से दोनों पड़ोसियों के बीच कोई द्विपक्षीय क्रिकेट नहीं हुआ है.

भारत की भागीदारी पर फैसला अभी नहीं
खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने पिछले हफ्ते कहा था कि चैंपियंस ट्रॉफी में भारत की भागीदारी पर फैसला समय आने पर लिया जाएगा क्योंकि अंतरराष्ट्रीय टीमों के लिए पड़ोसी देश का दौरा करने के लिए अभी भी सुरक्षा मुद्दे हैं. बार्कले ने स्वीकार किया कि इस पर काम करना एक चुनौतीपूर्ण मुद्दा होगा. उन्होंने उम्मीद जताई कि क्रिकेट दोनों पड़ोसियों के बीच संबंधों में सुधार ला सकता है.उन्होंने कहा, "हम जानते हैं कि यह काम करने के लिए एक विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण मुद्दा है. मेरा मतलब है, मेरे दृष्टिकोण से, हम जो करते हैं उस पर काम कर रहे जीयोपॉलीटिकल फोर्स को नियंत्रित नहीं कर सकते हैं,लेकिन मुझे उम्मीद है कि क्रिकेट की वजह से उनके संबंधों को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी. 

 

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