IND Vs ENG: भारत और इंग्लैंड के बीच 5 मैचों की टी-20 सीरीज का अंतिम मुकाबला साउथहैंप्टन में 11 जुलाई 2026 को खेला गया. इस मैच में इंग्लैंड ने भारत को 56 रनों से हरा दिया. इस जीत के साथ इंग्लैंड की टीम ने सीरीज को 4-0 से अपने नाम कर लिया है. सीरीज गंवाने के बाद टीम इंडिया से टी-20 में नंबर-1 का ताज छिन गया है. अब इंग्लैंड की टीम टी-20 रैंकिंग में पहले स्थान पर पहुंच गई है. इस हार के साथ श्रेयस अय्यर इंटरनेशनल क्रिकेट में उन चुनिंदा कप्तानों की सूची में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने कप्तान बनने के बाद अपने शुरुआती मुकाबलों में लगातार हार का सामना किया।
साउथम्प्टन में खेले गए पांचवें टी-20 मैच में इंग्लैंड की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 3 विकेट पर 257 रन बनाए. इसके जवाब में भारतीय टीम 20 ओवर में 8 विकेट पर 201 रन ही बना सकी. आपको मालूम हो कि इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ जब 3 से अधिक मैचों की सीरीज में भारत एक भी मैच नहीं जीता है. साउथम्प्टन में जोस बटलर ने 64 गेंदों में शानदार 131 रन बनाए. कप्तान हैरी ब्रूक ने 45 गेंदों में नाबाद 95 रन बनाए. उधर, भारत की ओर से सबसे अधिक रन ईशान किशन बना पाए. ईशान ने 35 बॉल पर 56 रन बनाए, जिसमें 7 चौके और 2 छक्के शामिल रहे.
इंग्लैंड टीम पहले स्थान पर काबिज
भारत से टी-20 सीरीज 4-0 की क्लीन स्वीप करने के बाद इंग्लैंड की टीम टी-20 रैंकिंग में भारत को पहले स्थान से हटाकर नंबर एक स्थान हासिल कर लिया. आपको मालूम हो कि मौजूदा समय में इंग्लैंड और भारत दोनों के 168 प्वाइंट्स हैं लेकिन शानदार प्रदर्शन के साथ इंग्लैंड ने एक स्थान का उछाल हासिल किया है और पहला स्थान हासिल किया. भारतीय टीम अब टी-20 रैंकिंग्स में एक स्थान नीचे जाकर दूसरे स्थान पर पहुंच गई है. ऑस्ट्रेलिया तीसरे, न्यूजीलैंड चौथे और दक्षिण अफ्रीका पांचवें स्थान पर है. आपको मालूम हो कि टीम इंडिया 1605 दिनों तक लगातार नंबर वन रही. कप्तान रोहित शर्मा के समय शुरू हुई टीम इंडिया की बादशाहत, सूर्यकुमार यादव तक चली लेकिन अब श्रेयस अय्यर की कप्तानी में टीम इंडिया ने नंबर वन का ताज खो दिया है.
इंग्लैंड से सीरीज हार की बड़ी वजहें
1. परिस्थितियों का सही आकलन नहीं कर सकी टीम इंडिया
भारतीय टीम आयरलैंड से सीरीज हारने के बाद अब इंग्लैंड से भी सीरीज हार चुकी है. इस हार की सबसे बड़ी वजहों में एक यह रही कि भारतीय टीम परिस्थितियों का सही आकलन नहीं कर सकी. कप्तान श्रेयस अय्यर ने आयरलैंड दौरे पर माना था कि टीम ने वहां की परिस्थितियों का सही आकलन नहीं किया था. मैदान के आकार और हालात को लेकर टीम पूरी तरह तैयार नहीं थी. भारतीय टीम के बल्लेबाज आयरलैंड और इंग्लैंड की तेज और सीम मूवमेंट वाली पिचों के अनुसार अपनी रणनीति नहीं बदल सके. इन पिचों पर विकेट बचाकर रन बनाने की बजाय टीम इंडिया के बल्लेबाज लगातार बड़े शॉट खेलने के प्रयास में आउट हुए. भारतीय बल्लेबाज हर तरह की पिच पर एक ही अंदाज में बल्लेबाजी करते रहे. भारतीय टीम की सपाट पिचों पर खेलने की आदत भारी पड़ी. अचानक आयरलैंड और इंग्लैंड का दौरा करना पड़ा तो टीम की कमजोरियां सामने आ गईं.
2. टीम चयन के साथ बल्लेबाजी क्रम ने बढ़ाई परेशानी
इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज के दौरान टीम संयोजन लगातार बदलता रहा. तिलक वर्मा जिन्होंने नंबर-3 पर 2 टी-20 शतक बनाए हैं, उन्हें निचले क्रम में भेजा गया. तिलक नंबर-6 पर बल्लेबाजी करने के दौरान बिल्कुल प्रभाव नहीं छोड़ सके. शिवम दुबे को कभी मैच फिनिशर बनाया गया तो कभी और पहले बैटिंग करने के लिए भेजा गया. इस तरह से भारतीय टीम की हार में टीम चयन के साथ बल्लेबाजी क्रम की बड़ी भूमिका रही.
3. गेंदबाजी आक्रमण में बार-बार बदलाव
भारतीय टीम की हार की बड़ी वजहों में गेंदबाजी आक्रमण में बार-बार बदलाव भी रहा. भारत ने लगभग हर मैच में गेंदबाजी आक्रमण में बदलाव किया. ऐसे में गेंदबाजों को अपनी भूमिका तय करने का मौका नहीं मिला. बार-बार गेंदबाजी में बदलाव का असर गेंदबाजों की लय पर साफ दिखाई दिया. उधर, इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने इसका भरपूर लाभ उठाया. क्रिकेट के जानकारों का मानना है कि कप्तान को एक स्थिर गेंदबाजी इकाई मिलनी चाहिए थी, ताकि उसी के आधार पर रणनीति बनाई जा सके.
4. लेफ्ट-राइट कॉम्बिनेशन को नहीं दिया गया तवज्जो
भारत-इंग्लैंड सीरीज में लेफ्ट-राइट कॉम्बिनेशन को तवज्जो नहीं दिया गया. यह भी हार का कारण बनी. टीम चयन में बाएं हाथ के बल्लेबाजों को प्राथमिकता दी गई. मौजूदा बल्लेबाजी लाइन अप में श्रेयस अय्यर को छोड़कर वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक, ईशान, दुबे, तिलक, सुंदर और अक्षर, सब के सब बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं. इससे बल्लेबाजी क्रम भी प्रभावित हुआ.
5. विश्व कप वाली लय पूरी तरह रही गायब
इस सीरीज में भारतीय टीम में टी-20 विश्व कप वाली लय नहीं दिखी. आपको मालूम हो कि टी-20 विश्व कप 2022 के सेमीफाइनल में इंग्लैंड से मिली हार के बाद भारत ने अपनी टी-20 टीम में बड़े बदलाव किए थे और उसी का नतीजा था कि टीम लगातार दो टी-20 विश्व खिताब जीतने में सफल रही. इस बार भारतीय कप्तान अय्यर में आत्मविश्वास और स्पष्ट रणनीति मैदान पर नजर नहीं आई. टीम चयन में वॉशिंगटन सुंदर को लगातार मौका देने पर भी सवाल उठे. विशेषज्ञों का मानना है कि इंग्लैंड की परिस्थितियों में दूसरे ऑलराउंडर की जगह एक अतिरिक्त विशेषज्ञ बल्लेबाज या तेज गेंदबाज टीम के लिए ज्यादा उपयोगी साबित हो सकता था.