IBAWWC 2022: महिला विश्व बॉक्सिंग के फाइनल में Nikhat Zareen की एंट्री, ऐसा करने वाली पहली भारतीय मुक्केबाज बनीं

भारत की एमसी मैरीकॉम 6 बार की वर्ल्ड चैम्पियन बन चुकी हैं. इनके अलावा सरिता देवी, जेनी आरएल और लेखा सी ऐसी भारतीय महिला मुक्केबाज हैं, जिन्होंने वर्ल्ड खिताब अपने नाम किए हैं. अगर निकहत जरीन जीत जाती हैं तो इस लिस्ट में उनका भी नाम जुड़ जाएगा. 

Nikhat Zareen
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 18 मई 2022,
  • अपडेटेड 12:12 AM IST
  • कई उपलब्धियां हैं हासिल 
  • वीमेन बॉक्सिंग में भारतीयों का इतिहास काफी अच्छा रहा है

भारतीय मुक्केबाज निकहत जरीन महिला विश्व बॉक्सिंग के फाइनल में पहुंच गई हैं. निकहत जरीन ने बुधवार को इस्तांबुल में चल रही आईबीए महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में ब्राजील की कैरोलिन डी अल्मेडा को हराकर फाइनल में एंट्री कर ली है. पूर्व जूनियर वर्ल्ड कप चैम्पियन जरीन ने 5-0 से ये जीत हासिल की है. आपको बता दें, निखत जरीन ने 52 किग्रा केटेगरी में ब्राजील की कैरोलिन डि एलमेडा को हराया है. 

आपको बता दें, निखत इस प्रतियोगिता के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय मुक्केबाज हैं. निकहत का फाइनल मैच थाईलैंड की जुतामास जितपोंग के साथ होने वाला है.

कौन हैं निकहत जरीन? 

आपको बता दें, निकहत जरीन का जन्म 14 जून, 1996 को आंध्र प्रदेश के निजामाबाद में हुआ था. हालांकि, अब ये जगह तेलंगाना में है. अपने करियर की शुरुआत में उन्होंने साल 2009 में की थी. इस समय उन्होंने द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता, IV राव के तहत ट्रेनिंग ली थी. खेल की प्रतिभा को देखते हुए निखत जरीन  को 2010 में इरोड नेशनल्स में 'गोल्डन बेस्ट बॉक्सर' घोषित कर दिया गया था. 

कई उपलब्धियां की हैं हासिल 

उपलब्धियों की बात करें, तो निकहत जरीन को तुर्की में एआईबीए महिला जूनियर और यूथ वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप के फ्लाईवेट डिवीजन में गोल्ड मेडल मिल चुका है. इसी के बाद लोगों ने उन्हें जानना शुरू किया. इसके बाद उन्होंने 2014 में यूथ वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल अपने नाम किया. इसके बाद सर्बिया के नोवी सैड में आयोजित नेशंस कप इंटरनेशनल बॉक्सिंग टूर्नामेंट में उन्होंने अपने नाम गोल्ड मेडल किया. 

इतना ही नहीं, बल्कि 2015 में असम में आयोजित 16वीं सीनियर वुमन नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप जीतकर अपने टैली में एक और गोल्ड मेडल एड कर दिया. इसके बाद 2019 और 2022 में स्ट्रैंड्जा मेमोरियल बॉक्सिंग टूर्नामेंट में भी निकहत के नाम पर दो गोल्ड मेडल दर्ज किये गए थे. 

वीमेन बॉक्सिंग में भारतीयों का इतिहास काफी अच्छा रहा है

आपको बता दें, वीमेन बॉक्सिंग में भारतीयों का इतिहास काफी अच्छा रहा है. भारत की एमसी मैरीकॉम 6 बार की वर्ल्ड चैम्पियन बन चुकी हैं. इनके अलावा सरिता देवी, जेनी आरएल और लेखा सी ऐसी भारतीय महिला मुक्केबाज हैं, जिन्होंने वर्ल्ड खिताब अपने नाम किए हैं. अगर निकहत जरीन जीत जाती हैं तो इस लिस्ट में उनका भी नाम जुड़ जाएगा. 

भारत के हिस्से आये हैं आज तक 36 मेडल   

गौरतलब है कि 2019 में रूस में आयोजित हुए टूर्नामेंट में भारतीय मुक्केबाजों ने एक सिल्वर और तीन ब्रॉन्ज मेडल जीते थे. भारत ने टूर्नामेंट के अब तक के 11 एडिशन में नौ गोल्ड, आठ सिल्वर और 19 ब्रॉन्ज सहित 36 मेडल जीते हैं. बता दें, भारत इसमें तीसरे स्थान पर है. पहले पर रूस है जिसके आपस 60 मेडल हैं और दूसरे पर चीन है, जिसके पास 50 मेडल हैं.  
 

 

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