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Ratnagiri: नन्ही तैराक का कमाल! 1.9 साल की उम्र में वेदा परेश स्विमिंग पूल में दिखाती है करतब

महाराष्ट्र के रत्नागिरी की वेदा परेश सरफरे ने 1.9 साल की उम्र में तैरना सीख लिया है. वो 100 मीटर की दूरी 10 मिनट 8 सेकंड में तैरकर तय करती है. इस नन्ही बच्ची का नाम इंडियन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स तक पहुंच गया है.

Veda Sarfare
gnttv.com
  • रत्नागिरी,
  • 05 दिसंबर 2025,
  • अपडेटेड 5:06 PM IST

महाराष्ट्र के रत्नागिरी की एक 1.9 साल की बच्ची ने ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसे सुनकर हर कोई हैरान रह जाता है. लोगों को इस बच्ची के कारनामे पर भरोसा ही नहीं हो रहा है. लेकिन जो इस कारनामे को देखता है, वो दांतों तले उंगली दबा लेता है. 1.9 साल की ये मासूम स्विमिंग पूल में कमाल कर रही है. जब लोग वेदा परेश को पानी में तैरते देखते हैं तो वो अचंभित रह जाते हैं. इस बच्ची का कारनामा इंडियन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हो गया है.

1.9 साल की मासूम का कमाल-
1 साल 9 महीने में वेदा परेश सरफरे ने पानी से दोस्ती कर ली है. वेदा परेश रत्नागिरी की रहने वाली है. खेलने की उम्र में ये मासूम 100 मीटर की दूरी 10 मिनट 8 सेकंड में तैरकर तय कर रही है. परेश भारत की सबसे कम उम्र की तैराक बन गई है.

वेदा का बड़ा भाई स्टेट लेवल का तैराक-
वेदा का बड़ा भाई सरकारी स्विमिंग पूल में रोजाना प्रैक्टिस करते हैं. वह राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में हिस्सा ले चुके हैं.  जब वेदा अपनी मां पायल सरफरे और बड़े भाई रूद्र के साथ स्विमिंग पूल में आती थी तो वो अपने भाई को पूल में तैरते हुए देखती थी.

कैसे हुई वेदा की स्विमिंग की शुरुआत-
एक दिन जब वेदा अपने भाई और मां के साथ स्विमिंग पूल में गई थी तो उसके भाई के कोच महेश मिल्के ने उसे पानी में छोड़ दिया. लेकिन वेदा रोई नहीं, बल्कि वो पानी के साथ खेलने लगी. इसके बाद जब भी वो जाती, पानी से खेलती थी. धीरे-धीरे वेदा स्विमिंग करने लगी.

वेदा की मां का कहना है कि मुझे लगता है कि वेदा पेट से ही तैरना सीखकर आई है. उन्होंने बताया कि पहले हमें डर लगता था कि वो रोएगी या उसको तकलीफ होगी. लेकिन उसे पानी में बहुत मजा आता था. इसमें कोच ने भी काफी मदद की. इसके बाद उन्होंने वेदा को सही से तैरना सिखाया.

इंडियन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज-
नन्ही तैराक वेदा सरफरे कमाल कर रही है. उनको ख्याति भी मिल रही है. वेदा का नाम इंडियन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स तक पहुंच गया है. इसके अलावा एशियन वर्ल्ड बुक के लिए भी गया है.

(गोकुल कांबले की रिपोर्ट)

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