टी20 वर्ल्ड कप 2026 के अपने आखिरी मुकाबले में नेपाल ने शानदार खेल दिखाते हुए स्कॉटलैंड को 7 विकेट से मात दे दी है. टूर्नामेंट की शुरुआत में इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी गेंद पर मिली हार ने नेपाल का दिल तोड़ दिया था, लेकिन टीम ने हिम्मत नहीं हारी. आखिरकार इस जीत के साथ नेपाल ने 12 साल बाद टी20 वर्ल्ड कप में जीत का स्वाद चखा और टूर्नामेंट का अंत गर्व के साथ किया.
जोन्स की दमदार पारी, कामी ने बदला मैच
पहले बल्लेबाजी करते हुए स्कॉटलैंड की शुरुआत मजबूत रही. ओपनर माइकल जोन्स ने 45 गेंदों में 71 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें 8 चौके और 3 छक्के शामिल थे. जब तक जोन्स क्रीज पर थे, स्कॉटलैंड 200 के पार जाता नजर आ रहा था.
लेकिन 16वें ओवर में उनका विकेट गिरते ही मैच का रुख बदल गया. तेज गेंदबाज सोमपाल कामी ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए स्कॉटलैंड की रनगति पर लगाम लगाई. उनकी सटीक गेंदबाजी के दम पर नेपाल ने वापसी की और स्कॉटलैंड को 20 ओवर में 170 रन पर रोक दिया.
दीपेन्द्र ऐरी की विस्फोटक फिफ्टी
171 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी नेपाल टीम ने तेज शुरुआत की. कुशल भुर्तेल और आसिफ शेख ने पहले 5 ओवर में ही 50 रन जोड़ दिए. भुर्तेल ने एक ओवर में 3 छक्के जड़कर माहौल बना दिया. हालांकि पावरप्ले के बाद टीम की रफ्तार धीमी पड़ गई और विकेट गिरने लगे. स्पिनर माइकल लीस्क ने 98 रन तक नेपाल के 3 विकेट गिरा दिए. 13 ओवर तक मैच नेपाल के हाथ से निकलता दिख रहा था.
तभी क्रीज पर आए दीपेंद्र सिंह ऐरी. एशियन गेम्स में 9 गेंदों में अर्धशतक लगाने वाले ऐरी ने एक बार फिर कमाल कर दिखाया. उन्होंने लीस्क के ओवर में लगातार दो छक्के जड़े और फिर ब्रैड व्हील व ब्रैड करी के ओवर में भी बाउंड्री लगाईं. ऐरी ने सिर्फ 23 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर मैच का पासा पलट दिया.
12 साल बाद पहली जीत
आखिरी दो ओवर में नेपाल को 15 रन की जरूरत थी. गुलशन झा ने 19वें ओवर की पहली गेंद पर छक्का लगाया और 20वें ओवर की दूसरी गेंद पर चौका जड़कर टीम को जीत दिला दी. इस जीत के साथ नेपाल ने 12 साल बाद टी20 वर्ल्ड कप में अपनी पहली जीत दर्ज की. इससे पहले 2014 में नेपाल ने हॉन्गकॉन्ग और अफगानिस्तान को हराया था. इस मुकाबले के बाद ग्रुप C की सभी टीमों ने कम से कम एक जीत के साथ टूर्नामेंट का अंत किया.
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