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CWG 2022: हाई जंप में भारत के लिए पदक जीतने वाले पहले एथलीट बने Tejaswin Shankar...आखिरी समय में रिप्लेसमेंट के तौर पर किए गए थे दल में शामिल

तेजस्विन शंकर तीन दिन पहले ही बर्मिंघम पहुंचे थे. उन्होंने ट्रैक एंड फील्ड में भारत के लिए पहला पदक जीता है. एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने शुरुआत में यूएसए में प्रैक्टिस कर रहे तेजस्विन शंकर को भारतीय टीम से बाहर कर दिया था, क्योंकि उन्होंने भारत की राष्ट्रीय अंतरराज्यीय मीट में भाग नहीं लिया था.

Tejaswin Shankar
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 04 अगस्त 2022,
  • अपडेटेड 9:13 AM IST
  • तीन दिन पहले ही पहुंचे थे बर्मिंघम
  • दिल्ली के रहने वाले हैं तेजस्विन

एथलेटिक्स टीम में अंतिम मिनट में शामिल होने वाले तेजस्विन शंकर ने राष्ट्रमंडल खेलों में इतिहास रच दिया. पुरुषों की ऊंची कूद में पदक जीतने वाले वो पहले भारतीय बन गए हैं. उन्होंने फाइनल में कांस्य पदक जीता. राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक ने 2.22 मीटर की दूरी तय करके काउंटबैक में तीसरा स्थान हासिल किया. बहामास के डोनाल्ड थॉमस और इंग्लैंड के जोएल क्लार्क-खान ने भी 2.22 मीटर की दूरी तय की, लेकिन उन्हें ऐसा करने के लिए एक से अधिक प्रयासों की आवश्यकता पड़ी, जबकि शंकर ने एक ही प्रयास में इसे हासिल कर लिया.

मुकाबले में न्यूजीलैंड के हामिश केर ने स्वर्ण पदक जीता जबकि ऑस्ट्रेलिया के ब्रैंडन स्टार्क ने रजत पदक जीता. दोनों ने 2.25 मीटर की दूरी तय की लेकिन 2.28 मीटर से अधिक नहीं जा सके लेकिन कीवी ने काउंट बैक पर स्वर्ण पदक जीता. ब्रैंडन,ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज मिशेल स्टार्क के छोटे भाई हैं. बर्मिंघम में फाइनल के दौरान शंकर ने अपने पहले प्रयासों में 2.10 मीटर, 2.15 मीटर, 2.19 मीटर और 2.22 मीटर की जंप लगाई.

तीन दिन पहले ही पहुंचे थे बर्मिंघम
तेजस्विन शंकर तीन दिन पहले ही बर्मिंघम पहुंचे थे. उन्होंने ट्रैक एंड फील्ड में भारत के लिए पहला पदक जीता है. एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने शुरुआत में यूएसए में प्रैक्टिस कर रहे तेजस्विन शंकर को भारतीय टीम से बाहर कर दिया था, क्योंकि उन्होंने भारत की राष्ट्रीय अंतरराज्यीय मीट में भाग नहीं लिया था. इसके बाद शंकर ने फेडरेशन के इस फैसले को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. दिल्ली हाई कोर्ट के कहने पर तेजस्विन को राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा लेने की मंजूरी मिल गई. आखिर में तेजस्विन शंकर को राष्ट्रमंडल खेल 2022 के लिए भारतीय स्क्वॉड में घायल रिले धावक अरोकिया राजीव के रिप्लेसमेंट के तौर पर शामिल किया गया था. अब तेजस्विन ने मेडल जीतकर साबित कर दिया कि गेम में उनकी दावेदारी कम नहीं थी. 

दिल्ली के रहने वाले हैं तेजस्विन
उनका जन्म 21 दिसंबर 1998 को दिल्ली के साकेत में हुआ था. 17 साल की उम्र में, शंकर ने नवंबर 2016 में कोयंबटूर में जूनियर नेशनल चैंपियनशिप में 2.26 मीटर की छलांग के साथ 2.25 मीटर के हरि शंकर रॉय के 12 साल पुराने राष्ट्रीय रिकॉर्ड को तोड़ा. वह उस वर्ष दुनिया के तीसरे सर्वश्रेष्ठ IAAF जूनियर हाई जम्पर थे. 2017 में उन्हें स्लिप डिस्क की वजह से छह महीने तक बिस्तर पर रहना पड़ा था. उन्होंने नई दिल्ली के सरदार पटेल विद्यालय से पढ़ाई की. तेजस्विन आठवीं कक्षा तक क्रिकेट खेलते थे. एक बार उनकी फिजिकल एजुकेशन की टीचर ने उनसे ऊंची कूद में स्विच करने को कहा. इसके बाद से शंकर ने इंटर-स्कूल एथलेटिक्स मीट में इस खेल में कई मेडल जीते. उनके पिता हरिशंकर पेशे से एक वकील थे जिनकी 2014 में ब्लड कैंसर से मृत्यु हो गई थी.

इंडोर रिकॉर्ड में किया सुधार
तेजस्विन शंकर एक भारतीय एथलीट हैं जिन्होंने 2016 गुवाहाटी/शिलांग दक्षिण एशियाई वीडियो गेम में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए हाई जंप मैच में रजत पदक प्राप्त किया था. उन्होंने 2015 एपिया कॉमनवेल्थ फॉर्मेटिव इयर्स वीडियो गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए हाई जंप मैच में स्वर्ण पदक प्राप्त किया. जनवरी 2018 में शंकर ने 2.18 मीटर के निशान के साथ रॉय के इनडोर राष्ट्रीय रिकॉर्ड को तोड़ा. फरवरी में उन्होंने एम्स में बिग 12 इंडोर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 2.28 मीटर की छलांग के साथ अपने इनडोर रिकॉर्ड में और सुधार किया.

लगातार अच्छा कर रहे थे शंकर
शंकर 2018 राष्ट्रमंडल खेलों में खेलों के लिए योग्यता के दौरान छठे स्थान पर रहे. शंकर ने मार्च 2018 में पटियाला में 22वें फेडरेशन कप भारतीय चैंपियनशिप में 2.28 मीटर की छलांग लगाकर अपने ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड को बेहतर बनाया. यह राष्ट्रमंडल खेलों के लिए क्वालीफाई करने के लिए संयुक्त सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था. उन्होंने के-स्टेट एथलेटिक्स का प्रतिनिधित्व करते हुए एक और सेंटीमीटर से अपना राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा, अप्रैल 2018 में टेक्सास टेक आमंत्रण में 2.29 मीटर की छलांग लगाई.

 

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