Under-19 Cricket World Cup: वैभव सूर्यवंशी के गांव में जश्न का माहौल, शुरुआती कोच ने बताई कहानी

अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ वैभव सूर्यवंशी ने शानदार 175 रनों की पारी खेली. वैभव सूर्यवंशी बिहार के समस्तीपुर के रहने वाले हैं. उनके गांव में जश्न का माहौल है. मिठाई बांटी गई. गांववालों नारेबाजी की और केक काटा.

Celebrations in Vaibhav Suryavanshi's village
जहांगीर आलम
  • समस्तीपुर,
  • 06 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 7:22 PM IST

बिहार के समस्तीपुर का रहने वाला सबसे कम उम्र का खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी ने U19 के वर्ल्ड कप फ़ाइनल में 80 गेंदों पर 175 बनाकर इतिहास रच दिया है. अंडर-19 वर्ल्ड कप के फ़ाइनल में धमाकेदार पारी खेल कर सबका दिल जीत लिया. U19 के वर्ल्ड कप में अच्छा प्रदर्शन करने के साथ सबसे कम उम्र का खिलाड़ी बनने पर वैभव सूर्यवंशी के प्रैक्टिस वाले फील्ड पटेल मैदान में जश्न का माहौल बन गया. लोग एक दूसरे को मिठाइयां खिला रहे हैं. वहीं वैभव सूर्यवंशी जिस पिच पर प्रैक्टिस करते थे, उसके कोच के साथ खिलाड़ियों ने जमकर आतिशबाजी की और एक दूसरे को गुलाल अबीर लगाया.

वैभव के गांव में जश्न का माहौल-
U19 में भारत की ओर से खेलते हुए वैभव सूर्यवंशी ने 80 बॉल पर 175 रन बनाए. वैभव सूर्यवंशी ने अपने नाम कई उपलब्धियों को जोड़ लिया. बता दें कि U19 मैच में वैभव को खेलते हुए हर कोई देखना चाहता था. जब ये मौका वैभव सूर्यवंशी को मिला, तो वे सभी की उम्मीदों पर खड़े उतरे और 175 रन जड़ दिए. इसी खुशी में वैभव के पैतृक गांव में जश्न का माहौल बन गया है. 

वैभव को बचपन से क्रिकेट का शौक- सूर्यवंशी
दूसरी ओर शहर के पटेल मैदान में, जहाँ वैभव सूर्यवंशी प्रैक्टिस किया करते थे, उस पिच पर उनके कोच ब्रजेश झा के साथ खिलाड़ियों ने जमकर आतिशबाजी की. खूब पटाखे छोड़े. वैभव सूर्यवंशी के कोच ब्रजेश झा ने कहा कि अपने माता-पिता के साथ समस्तीपुर का नाम रौशन किया है. जिस बच्चे के साथ हमने मेहनत किया था, वो आज रिजल्ट के साथ दिख रहा है. छोटे सी उम्र में ही ताजपुर से रोजाना आकर प्रैक्टिस किया करता था. कोच ब्रजेश झा ने कहा कि उसे बचपन से शौक था कि वो इंडिया के लिए खेले, आज के प्रदर्शन से लग रहा है कि वो इंडिया टीम के लायक है.

कठिन रहा वैभव सूर्यवंशी का अब तक का सफर-
समस्तीपुर जिले के ताजपुर निवासी संजीव सूर्यवंशी अपने पुत्र वैभव सूर्यवंशी को सफल क्रिकेटर बनाने के लिए जो प्रण लिया था, वो आज सफल होता दिख रहा है. वैभव के पिता पांच साल के उम्र से ही वैभव को प्रैक्टिस करवा रहे थे. इस बीच उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा. लेकिन एक पिता होने के नाते सारे कठिनाइयों को दरकिनार करते हुए उसके लिए रास्ता साफ किया. जिसका परिणाम हुआ कि अंडर 19 में खेला, बंग्लादेश के खिलाफ और एशिया कप खेला. इसके बाद वैभव सूर्यवंशी आईपीएल में भी सबसे कम उम्र में राजस्थान रॉयल्स से जुड़े. अब वह U19 वर्ल्ड कप में  बेहतर प्रदर्शन करके अपने क्षेत्र, राज्य और देश का नाम रौशन कर रहे हैं. ताजपुर के लोगों को उम्मीद है कि अपने पिता के सपनों पर वैभव खरा उतरेगा.

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