भारत के मशहूर शूटर जसपाल राणा 49 साल की उम्र में आखिरी सांस ली. जर्मनी से लौटते समय फ्लाइट में ्अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई. इसके बाद उनको दिल्ली में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया. लेकिन उनको बचाया नहीं जा सका. जसपाल राणा ने कॉमनवेल्थ गेम्स से लेकर एशियन गेम्स में कई गोल्ड मेडल अपने नाम किए थे. ओलंपिक में 2 मेडल जीतने वाली मनु भाकर के कोच रहे. जसपाल राणा को सिर्फ 18 साल की उम्र में अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था.
CWG में 9 और एशियन गेम्स में 4 गोल्ड मेडल-
जसपाल राणा ने कॉमनवेल्थ गेम्स 9 गोल्ड मेडल जीते थे. इसके साथ ही 4 सिल्वर मेडल और 2 ब्रॉन्ज मेडल जीते थे. राणा ने एशियाई गेम्स में 4 गोल्ड मेडल अपने नाम किए थे. इसके अलावा 2 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज मेडल भी जीते थे. एशियाई चैंपियनशिप में एक गोल्ड और एक ब्रॉन्ज पर कब्जा किया था. विश्व जूनियर चैंपियनशिप में उन्होंने एक गोल्ड मेडल हासिल किया था. जसपाल राणा ने अपने शूटिंग करियर में 15 गोल्ड मेडल, 6 सिल्वर मेडल और 5 ब्रॉन्ज मेडल जीते थे.
मनु भाकर के कोच-
जसपाल राणा मनु भाकर के कोच रहे. मनु भाकर ने ओलंपिक में 2 मेडल अपने नाम किए थे. मनु भाकर के इस प्रदर्शन में जसपाल राणा का अहम रोल था. राणा के बेहतरीन प्रशिक्षण और मेंटरशिप के कारण ही मनु भाकर को ये सफलता मिली. मनु भाकर ने 2024 पेरिस ओलंपिक में दो मेडल जीते थे.
12 साल की उम्र में सिल्वर मेडल-
जसपाल राणा जब 12 साल के थे, उस समय ही उन्होंने सिल्वर मेडल अपने नाम किया था. राणा ने 1988 में अहमदाबाद में आयोजित 31वीं नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में हिस्सा लिया था और सिल्वर मेडल हासिल किया था.
दर्द के बावजूद जीता था गोल्ड मेडल-
एक बार जसपाल पाला को सर्जरी के बावजूद टूर्नामेंट में हिस्सा लेना पड़ा था. उन्होंने दर्द के बावजूद इसमें मेडल भी जीता था. ये वाक्या साल 1994 का है, जब वर्ल्ड शूटिंग चैंपियनशिप में उनको खेलना था. प्रतियोगिता के दौरान उनको एक फोड़ा हो गया था. प्रतियोगिता से एक दिन पहले अस्पताल में उनकी सर्जरी हुई और डॉक्टरों ने छुट्टी देने से मना कर दिया. इसके बाद राणा अस्पताल से सीधे शूटिंग रेंज में पहुंचे. फोड़े का दर्द उनको परेशान कर रहा था. दर्द की वजह से वो जींस भी नहीं पहन पा रहे थे. राणा ने जींस को काटकर हाफ पैंट बना दिया और प्रतियोगिता में हिस्सा लिया. इस दर्द के बाद भी उन्होंने जूनियर वर्ग में वर्ल्ड रिकॉर्ड स्कोर किया था और पहला इंटरनेशनल गोल्ड मेडल जीता था.
पिता से मिली थी शूटिंग की सीख-
जसपाल राणा को शूटिंग की प्रेरणा उनके पिता नारायण सिंह राणा से मिली थी. नारायण सिंह आटीबीपी में थे. जसपाल राणा ने शुरुआत में पिस्टल और राइफल दोनों से ट्रेनिंग की. लेकिन नियम की वजह से उन्होंने सिर्फ पिस्टल को चुनना पड़ा.
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