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वर्ल्ड कप के 11 साल! जब झूम उठा था पूरा देश, यूवी और भज्जी ने भी किया चैंपियंस को याद 

आज ही के दिन 11 साल पहले वर्ल्ड कप जीतने का सपना पूरा हुआ था. ये वर्ल्ड कप मैच धोनी के छक्के से खत्म हुआ था. भारत ने वानखेड़े स्टेडियम में फाइनल में श्रीलंका को छह विकेट से हराकर ये मैच अपने नाम किया था.

World Cup 2011
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 02 अप्रैल 2022,
  • अपडेटेड 11:26 AM IST
  • भारत को 28 साल बाद वर्ल्ड कप की ट्रॉफी मिली थी
  • यूवी और भज्जी ने भी किया याद

क्रिकेट एक ऐसा खेल है जहां हर दिन एक नया रिकॉर्ड बनता है और टूटता है. लेकिन इतिहास के पन्ने खंगालें तो 2 अप्रैल का दिन भारतीय क्रिकेट टीम के लिए ही नहीं, बल्कि हर हिंदुस्तानी के लिए खास है. आज ही के दिन 11 साल पहले वर्ल्ड कप जीतने का सपना पूरा हुआ था. ये सपना करीब 28 साल पुराना था, जिसे पूरा करने में इतने सालों का सफर देशवासियों को तय करना पड़ा था. भारत ने वानखेड़े स्टेडियम में फाइनल में श्रीलंका को छह विकेट से हराकर पूरे देश का सिर फक्र से ऊंचा कर दिया था. 

BCCI ने किया चैंपियंस को याद 

इस अवसर को याद करते हुए, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने भी एक पोस्ट शेयर किया है, जिसमें वर्ल्ड कप की पूरी विनर टीम को ट्रॉफी पकड़े हुए दिखाया गया है. पोस्ट के कैप्शन में लिखा है, "हमारी यादों में हमेशा के लिए अंकित! इस दिन 2011 में टीम इंडिया ने दूसरी बार ODI विश्व कप जीता था.”

बता दें, भारत ने फाइनल में ये जीत गौतम गंभीर, धोनी, जहीर खान आदि जैसे कई भारतीय सितारों के शानदार प्रदर्शन के बाद हासिल की थी.

यूवी और भज्जी ने किया ट्वीट 

इस मौके पर युवराज सिंह और हरभजन ने भी ट्वीट किया है. यूवी ने ट्वीट करते हुए लिखा, यह सिर्फ एक वर्ल्ड कप विक्ट्री नहीं थी, यह एक अरब भारतीयों का सपना पूरा होने का सपना था. इस टीम का हिस्सा बनने पर गर्व है. तिरंगा पहनने और देश को गौरवान्वित करने की बराबरी कोई नहीं कर सकता.” 

वहीं, हरभजन सिंह ने ट्वीट करते हुए लिखा, “2 अप्रैल- ये दिन जब अरबों लोग ख़ुशी से झूम गए थे! इस दिन जब भारत ने वर्ल्ड कप ट्रॉफी उठाई थी. एक ऐसी रात जिसे मैंने बार-बार जिया है.”

गौरतलब है कि 1983 में पहली बार कपिल देव की कप्तान में भारत ने लॉर्ड्स में वेस्टइंडीज को हराकर 1983 वर्ल्ड कप जीता था.

बड़ा ही ख़ास था वो दिन..... 

आपको बता दें, धोनी के छक्के से वर्ल्ड कप का वो मैच खत्म हुआ था और भारत को 28 साल बाद वर्ल्ड कप की ट्रॉफी मिली थी. श्रीलंकाई गेंदबाज नुवान कुलसेकरा की गेंद पर लगे उस आखिरी छक्के से पूरा देश मानों खुशी से झूम उठा था. ये वही छक्का था जो आज भी देश के हर क्रिकेट प्रेमी को याद है. वर्ल्ड कप में भारत को 275 रनों का लक्ष्य मिला था, लेकिन गौतम गंभीर और एमएस धोनी की जोड़ी ने 109 रन की पारी से जो कारनामा किया था, उसे आज भी याद किया जाता है. 


 
 

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