AI की वजह से जॉब मार्केट तेजी से बदल रहा है, लेकिन भारत के ज्यादातर प्रोफेशनल इस बदलाव के लिए खुद को तैयार नहीं मान रहे हैं. LinkedIn की एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, 84% भारतीय प्रोफेशनल्स को लगता है कि वे नई नौकरी पाने के लिए तैयार नहीं हैं, जबकि हैरानी की बात यह है कि 72% लोग 2026 में नई नौकरी की तलाश भी कर रहे हैं.
जॉब ढूंढने की प्रक्रिया बनी ज्यादा मुश्किल
LinkedIn के सर्वे में सामने आया है कि आजकल की हायरिंग प्रोसेस काफी मुश्किल और AI बेस्ड हो गई है. 77% लोगों का कहना है कि रिक्रूटमेंट में अब बहुत ज्यादा स्टेज हो गए हैं. 66% प्रोफेशनल्स को लगता है कि हायरिंग अब पहले जैसी पर्सनल नहीं रही. 48% लोग इस बात को लेकर कन्फ्यूज हैं कि उनकी जॉब एप्लिकेशन दूसरों से अलग कैसे दिखे. रिक्रूटर्स की तरफ से देर से जवाब मिलना और फीडबैक न आना भी लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है.
काम में AI ठीक लेकिन इंटरव्यू में डर
रिपोर्ट के मुताबिक, 87% प्रोफेशनल्स काम के दौरान AI इस्तेमाल करने में कंफर्टेबल हैं, लेकिन जब बात जॉब इंटरव्यू और हायरिंग की आती है, तो उनका कॉन्फिडेंस कम हो जाता है. हालांकि, अब लोग AI को मददगार टूल के तौर पर भी देखने लगे हैं. 94% भारतीय प्रोफेशनल्स जॉब सर्च में AI का इस्तेमाल करने की प्लानिंग कर रहे हैं. 66% लोगों का कहना है कि AI से उनका इंटरव्यू कॉन्फिडेंस बढ़ता है. इसके बावजूद, 76% प्रोफेशनल्स मानते हैं कि पिछले एक साल में नई नौकरी पाना और मुश्किल हो गया है.
बढ़ता कॉम्पिटिशन, रिक्रूटर्स भी परेशान
LinkedIn के डेटा के अनुसार, 2022 के बाद से एक जॉब के लिए अप्लाई करने वालों की संख्या दोगुनी से ज्यादा हो चुकी है. वहीं, रिक्रूटर्स भी दबाव में हैं. 74% रिक्रूटर्स का कहना है कि अब सही टैलेंट ढूंढना पहले से ज्यादा मुश्किल हो गया है.
बदल रहे हैं करियर ट्रेंड
इस बदलाव का असर करियर चॉइस पर भी दिख रहा है. 32% Gen X प्रोफेशनल्स नए रोल या फंक्शन बदलने के बारे में सोच रहे हैं. 32% Gen Z अपनी इंडस्ट्री से बाहर करियर ऑप्शन तलाश रहे हैं. स्टार्टअप और बिजनेस की तरफ झुकाव बढ़ा है, LinkedIn पर Founder सबसे तेजी से बढ़ने वाले जॉब टाइटल्स में शामिल है.
किन नौकरियों की बढ़ रही है डिमांड?
LinkedIn की India Jobs on the Rise रिपोर्ट के मुताबिक, Prompt Engineer, AI Engineer, Software Engineer जैसी जॉब्स तेजी से बढ़ रही हैं. इसके अलावा सेल्स साइबर सिक्योरिटी और एडवाइजरी रोल्स की भी मांग बढ़ी है.