इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइलिंग सीजन के बीच बड़ी संख्या में टैक्सपेयर्स अब ChatGPT, Claude और Gemini जैसे AI टूल्स की मदद ले रहे हैं. कोई टैक्स कैलकुलेशन पूछ रहा है तो कोई डिडक्शन और निवेश का हिसाब. जवाब जल्दी और बिना किसी मेहनत के मिलने की वजह से लोग तेजी से इन टूल्स पर निर्भर हो रहे हैं. लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि AI की मदद लेना सुविधाजनक जरूर है, लेकिन पूरी तरह भरोसा करना जोखिम भरा हो सकता है.
अब इनकमटैक्स की नजर AI पर भी
अब आयकर विभाग भी AI और एडवांस डेटा एनालिटिक्स का इस्तेमाल कर रहा है. ITR में दी गई जानकारी को AIS, TIS, फॉर्म-16, बैंक रिकॉर्ड, ब्रोकरेज डेटा और अन्य थर्ड पार्टी सोर्स से मिलाया जा रहा है. अगर किसी भी आंकड़े में गड़बड़ी पाई जाती है तो सिस्टम तुरंत रिटर्न को फ्लैग कर देता है. इसका असर रिफंड पर पड़ सकता है और टैक्सपेयर्स को नोटिस भी भेजा जा सकता है.
सबसे ज्यादा पकड़ में आने वाली गलतियां
टैक्स एक्सपर्ट्स के अनुसार, सबसे ज्यादा गड़बड़ियां फॉर्म-16 और ITR में दर्ज इनकम के अंतर से जुड़ी होती हैं. इसके अलावा बैंक ब्याज, FD रिटर्न, डिविडेंड इनकम या अन्य स्रोतों से हुई आय को छिपाना भी जांच के दायरे में आ सकता है. शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड और प्रॉपर्टी बिक्री से हुए कैपिटल गेन को गलत दिखाना या HRA, 80C, 80D जैसी डिडक्शन को बढ़ा-चढ़ाकर क्लेम करना भी सिस्टम अलर्ट ट्रिगर कर सकता है. विदेशी संपत्ति या विदेशी आय से जुड़ी जानकारी न देना भी गंभीर मामला माना जा रहा है.
AI से ITR भरना कितना सेफ?
पिछले कुछ महीनों में AI टूल्स का इस्तेमाल टैक्स प्लानिंग और ITR फाइलिंग में तेजी से बढ़ा है. ये टूल्स टैक्स स्लैब, डिडक्शन और इन्वेस्टमेंट से जुड़े सवालों को आसान भाषा में समझा देते हैं, जिससे शुरुआती टैक्स प्लानिंग आसान हो जाती है. लेकिन एक्सपर्ट अलर्ट करते हैं कि AI को फुल-प्रूफ सलाहकार नहीं माना जा सकता. कई बार ये पुराने नियमों या अधूरी जानकारी के आधार पर गलत सुझाव भी दे सकता है, जिसे टेक्निकल भाषा में हैलुसिनेशन कहा जाता है.
डेटा शेयर करते वक्त रहें सावधान
एक बड़ी चिंता डेटा प्राइवेसी को लेकर भी है. कई टैक्सपेयर्स अपने फॉर्म-16, बैंक स्टेटमेंट, PAN और अन्य वित्तीय दस्तावेज सीधे AI प्लेटफॉर्म पर अपलोड कर देते हैं, जो जोखिम भरा हो सकता है. विशेषज्ञों की सलाह है कि AI का इस्तेमाल केवल समझने और शुरुआती कैलकुलेशन तक सीमित रखें. अंतिम ITR फाइल करने से पहले सभी डेटा को आयकर विभाग के पोर्टल से क्रॉस-चेक करना जरूरी है.