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गाड़ी का एक्सीडेंट हुआ तो न करें ये गलतियां, वरना इंश्योरेंस कंपनी क्लेम देने से कर सकती है इनकार

कार का एक्सीडेंट होने के बाद हर किसी को उम्मीद रहती है कि इंश्योरेंस कंपनी गाड़ी की मरम्मत का खर्च संभाल लेगी. लेकिन कई बार छोटी-छोटी गलतियों की वजह से क्लेम रिजेक्ट हो सकता है और पूरा खर्च आपकी जेब पर आ जाता है.

Car Insurance Claim
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 21 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 3:24 PM IST

गाड़ी का एक्सीडेंट होते ही सबसे पहले दिमाग में यही आता है कि अब कार की मरम्मत का खर्च कैसे उठेगा. ऐसे समय में इंश्योरेंस पॉलिसी बड़ी राहत देती है, क्योंकि लोगों को उम्मीद होती है कि बीमा कंपनी नुकसान की भरपाई कर देगी. लेकिन सोचिए, अगर हादसे के बाद कंपनी आपका क्लेम ही रिजेक्ट कर दे तो? कार का नुकसान तो रहेगा ही, साथ में हजारों या लाखों रुपये का खर्च भी आपकी जेब पर आ सकता है. कई बार क्लेम रिजेक्ट होने की वजह बीमा कंपनी नहीं, बल्कि पॉलिसीधारक की अपनी छोटी-सी गलती होती है. आइए जानते हैं वो कौन-सी गलतियां हैं, जिनसे आपका इंश्योरेंस क्लेम अटक सकता है.

नशे में ड्राइविंग करना
अगर एक्सीडेंट के समय ड्राइवर शराब या किसी अन्य नशीले पदार्थ के प्रभाव में पाया जाता है, तो बीमा कंपनी क्लेम खारिज कर सकती है. नशे में गाड़ी चलाना कानूनन अपराध भी है. ऐसे में कार को हुए नुकसान का खर्च आपको खुद उठाना पड़ सकता है.

वैध ड्राइविंग लाइसेंस होना जरूरी
कार चलाने के लिए वैध ड्राइविंग लाइसेंस होना जरूरी है. अगर हादसे के समय ड्राइवर के पास कार चलाने का वैध लाइसेंस नहीं है, तो क्लेम पर असर पड़ सकता है. लाइसेंस एक्सपायर होने या वाहन के हिसाब से सही लाइसेंस नहीं होने पर भी बीमा कंपनी दावा खारिज कर सकती है.

एक्सीडेंट की जानकारी देने में न करें देरी
हादसे के बाद बीमा कंपनी को समय पर इसकी जानकारी देना बेहद जरूरी है. पॉलिसी में क्लेम की सूचना देने की समय सीमा तय होती है. तय समय के बाद जानकारी देने पर कंपनी क्लेम को लेट इंटिमेशन मानकर खारिज कर सकती है. इसलिए हादसे के तुरंत बाद बीमा कंपनी को सूचित करना बेहतर होता है.

निजी कार से कमर्शियल काम करना पड़ सकता है भारी
अगर कार का इंश्योरेंस निजी इस्तेमाल के लिए कराया गया है, लेकिन उसका इस्तेमाल कैब, डिलीवरी या किसी दूसरे कमर्शियल काम के लिए किया जा रहा है, तो एक्सीडेंट होने पर क्लेम खारिज हो सकता है. इसके अलावा पॉलिसी खत्म होने के बाद हुए हादसे या बीमा कंपनी को बताए बिना गाड़ी में बड़े बदलाव करने पर भी क्लेम मिलने में दिक्कत हो सकती है.

क्लेम रिजेक्ट हो जाए तो क्या करें
अगर आपको लगता है कि बीमा कंपनी ने गलत तरीके से क्लेम खारिज किया है, तो पहले कंपनी के इंटरनल ग्रीवांस सेल में शिकायत की जा सकती है. वहां से समाधान नहीं मिलने पर IRDAI के शिकायत निवारण सिस्टम के जरिए शिकायत दर्ज कराई जा सकती है.

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