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छात्रों का अनोखा इनोवेशन! हवा को शुद्ध करेगा लैंप और पानी को साफ करेगी यह नाव

डिजाइन स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर के इंडस्ट्रियल डिजाइन के छात्रों ने एक इनोवेशन किया हैं. स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर में विभाग के प्रमुख पराग आनंद ने मीडिया से कहा कि ये डिजाइन नए विचार हैं जिनका उपयोग इंडस्ट्री में वास्तविक उत्पाद बनाने के लिए किया जा सकता है. 

Lamp that purifies Air
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 26 मई 2023,
  • अपडेटेड 3:19 PM IST

हाल ही में, दिल्ली में छात्रों ने इंडियन हैबिटेट सेंटर में सस्टेनेबल लिविंग के लिए कई इनोवेटिव प्रोडक्ट डिजाइन प्रदर्शित किए हैं. इन डिजाइन्स में एक लैंप शामिल है जो हवा को शुद्ध करता है, एक नाव जो पानी को साफ करने में मदद करती है, और पक्षियों के बच्चे के लिए एक इनक्यूबेटर शामिल है. 

ये इनोवेशन डिजाइन स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर के इंडस्ट्रियल डिजाइन के छात्रों ने किए हैं. स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर में विभाग के प्रमुख पराग आनंद ने मीडिया से कहा कि ये डिजाइन नए विचार हैं जिनका उपयोग इंडस्ट्री में वास्तविक उत्पाद बनाने के लिए किया जा सकता है. 

मेल्टिंग एवरेस्ट 
मेल्टिंग एवरेस्ट एक लैंप है, जिसे हिमालय के सेंधा नमक से बनाया गया है. इस लैंप की खास बात यह है कि यह ग्लेशियरों की तरह पिघलता है, लेकिन इस प्रक्रिया में हवा को शुद्ध करता है. लैंप का वजन 8 किलो है और यह लगातार 1,000 घंटे तक चल सकता है. 

प्योर वाटर्स बोट
प्योर वाटरेस एक और अभिनव उत्पाद है. दरअसल यह एक नाव है जो न केवल नौका विहार का आनंद देगी बल्कि चलते समय जल निकाय जैसे तालाब या झील को साफ भी करेगी. इसे डिजाइन करने वाली छात्रा, शिवानी कुमारी के अनुसार, प्योर वाटर्स शैवाल, छोटे पौधों और अन्य तैरती सामग्री सहित 50 किलोग्राम तक कचरा रख सकता है.

नेस्टो केयर
यह उत्पाद एक बेबी बर्ड इनक्यूबेटर है जो छोटे पक्षियों को घोंसले से गिरने जैसे खतरों से बचाता है. एमए अंतिम वर्ष के छात्र प्रतीक वंधारे के मुताबिक इनक्यूबेटर बीमार पक्षियों का भी इलाज कर सकता है.

बंधन
यह इनोवेटिव बेंच लकड़ी के छोटे टुकड़ों के उपयोग कर बनाई गई है जिन्हें बेकार समझ फेंक दिया गया था. यह पवित्रा केवी नाम की एक छात्रा के दिमाग की उपज है, जो कहती है कि बेंच गर्मियों में ज्यादा गर्म नहीं होती है और सर्दियों में बैठने में असहज नहीं होती है. 

एक्वा बायो हार्वेस्ट
यह उत्पाद मत्स्य पालन करने वाले लोगों के लिए डिज़ाइन किया गया है. यह उत्पाद तालाबों और मछली के भोजन में मौजूद शैवाल का उपयोग करके बायो-ऑइल का उत्पादन करता है। विवेक रामचंद्रन बताते हैं कि इसमें तीन तरह के पार्टिशन होते हैं जहां एक में हवा भरी होती है और दूसरे में काई (एल्गी). धीरे-धीरे एक नियंत्रित प्रतिक्रिया होती है और उपकरण दो से तीन दिनों में तेल बनाना शुरू कर देता है.

 

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