Blooming AI Sector: भारत में बढ़ता एआई क्षेत्र, लेकिन नौकरी के काबिल दावेदारों की कमी

जिस रफ्तार से एआई फलफूल रहा है, उसके हिसाब से उस सेक्टर में काम करने वालों की कमी है. लोगों के पास एआई के साथ काम करने के स्किल नहीं है इसलिए यहां दावेदारों की काफी कमी है.

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gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 29 अगस्त 2025,
  • अपडेटेड 1:16 PM IST

भारत की जीडीपी की बात करें तो इसमें करीब 1/5 हिस्सा डिजिटल इकोनॉमी से आता है. जैसे-जैसे देश एआई की तरफ बढ़ रहा है, तो उम्मीद की जा रही है कि यह हिस्सेदारी और बढ़नी चाहिए. लेकिन TeamLease Digital’s Digital Skills & Salary Primer Report FY2025-26 कुछ और ही कहती है. 

रिपोर्ट की माने तो जैसे-जैसे तकनीक बढ़ रही है. वैसे-वैसे उस तकनीक के लिए जरूरी कौशन की भी कमी हो रही है. जितना एआई का लोग इस्तेमाल कर रहे हैं, उसके हिसाब से एआई वाली नौकरियों के लिए लोगों की कमी है. वर्तमान समय में हर 10 एआई की नौकरी के लिए केवल एक काबिल दावेदार मौजूद है. उम्मीद की जा रही है कि 2026 तक यह कमी 53 फीसद तक कम हो जाएगी.

एआई सेक्टर का विकास 
उम्मीद है कि 2025 के अंत तक एआई का क्षेत्र 28.8 बिलियन डॉलर के मार्केट को हासिल कर लेगा. साथ ही व्हाइट कॉलर जॉब के सेक्टर में भी एआई को काफी अपनाया जाएगा. वहीं 2027 तक वैश्विक क्षमता केंद्र में करीब 120 लाख नई नौकरियां पैदा होंगी. खास तौर पर जेनरेटिव एआई और आर एंड डी इंजीनियरिंग के क्षेत्र में.

सैलेरी में आएगा जबरदस्त उछाल
रिपोर्ट के अनुसार आने वाली पीढ़ी पेस्केल को रिसेट कर रही है. जेनरेटिव एआई के क्षेत्र में काम करने वाले वरिष्ठ लोग सालाना 58-60 लाख रुपए तक का पैकेज पा सकेंगे. साथ ही सालाना 18 फीसद इंक्रिमेंट के साथ. 

बात अगर डिमांड की करें तो प्रॉप्ट इंजीनियरिंग, एलएलएम सेफ्टी और ट्यूनिंग, एजेंट डिजाइन जैसे कई सेक्टर में भारी डिमांड होगी. वहीं जब मामला इंजीनियरिंग से जुड़ा हो तो साइबरसिक्योरिटी का सवाल तो उठता ही है. ऐसे में साइबरसिक्योरिटी और डेटा इंजीनियरिंग के सेक्टर में ऐवरेज सेलेरी 28-33 लाख सालाना हो सकती है. वहीं वरिष्ठों के लिए यह 55 लाख रुपए तक पहुंच सकती है.

क्या रहेगा नॉन-टेक सेक्टर का हाल
तकनीकी क्षेत्र से परे डिजिटल अपनाने से वेतनमानों में बदलाव आ रहा है. गैर-तकनीकी उद्यमों में, डिजिटल परिवर्तन की भूमिकाए वित्त वर्ष 27 तक 16 लाख रुपए प्रति वर्ष से बढ़कर 19.5 लाख रुपए प्रति वर्ष होने का अनुमान है. डेटा एनालिटिक्स के वेतन में भी लगातार वृद्धि होने की उम्मीद है, जो 11 लाख रुपए प्रति वर्ष से बढ़कर 13.5 लाख रुपए प्रति वर्ष हो जाएगा. गैर-तकनीकी फर्मों में क्लाउड और साइबर सुरक्षा के वरिष्ठ पेशेवर क्रमशः 30 लाख रुपए प्रति वर्ष और 28 लाख रुपए प्रति वर्ष तक कमा सकते हैं.

 

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