आजकल कई स्मार्टफोन में फिंगरप्रिंट सेंसर स्क्रीन के अंदर दिया जाता है. फोन अनलॉक करने के लिए आपको बस स्क्रीन पर बने फिंगरप्रिंट के निशान पर उंगली रखनी होती है. इस दौरान वहां तेज रोशनी दिखाई देती है. कई लोग इसे केवल एक डिजाइन या एनिमेशन समझते हैं, लेकिन कुछ फोन में यह रोशनी फिंगरप्रिंट पहचानने में मगग करती है. लेकिन सवाल है कि आखिर यह तकनीक कैसे काम करती है और फोन आपकी उंगली को कैसे पहचानता है?
क्या होता है इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर?
इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर एक ऐसी तकनीक है, जिसमें फिंगरप्रिंट पढ़ने वाला सेंसर फोन की स्क्रीन के नीचे लगा होता है. इसमें फोन के पीछे या पावर बटन पर अलग से सेंसर देने की जरूरत नहीं पड़ती. आप स्क्रीन के एक हिस्से पर उंगली रखते हैं और फोन आपके फिंगरप्रिंट की पहचान करके लॉक खोल देता है. यह तकनीक खासतौर पर कई OLED और AMOLED स्क्रीन वाले स्मार्टफोन में देखने को मिलती है.
स्क्रीन पर तेज रोशनी क्यों जलती है?
जब आप स्क्रीन पर फिंगरप्रिंट के निशान पर उंगली रखते हैं, तो ऑप्टिकल सेंसर वाले फोन में उस जगह तेज रोशनी दिखाई दे सकती है. इसका काम आपकी उंगली के निशानों को साफ तरीके से पढ़ने में मदद करना है. रोशनी उंगली पर पड़ती है और उससे लौटने वाली रोशनी को स्क्रीन के नीचे लगा छोटा सेंसर या कैमरा पढ़ता है. इससे उंगली की लकीरों और उनके बीच की जगह का पैटर्न पहचाना जाता है. इसलिए यह रोशनी सिर्फ दिखावे के लिए नहीं होती, बल्कि फोन अनलॉक करने की प्रोसेस का हिस्सा होती है.
फोन आपकी उंगली को कैसे पहचानता है?
जब आप पहली बार फोन में अपना फिंगरप्रिंट सेव करते हैं, तो फोन आपकी उंगली के निशानों का एक खास रिकॉर्ड तैयार करता है. अगली बार जब आप स्क्रीन पर उंगली रखते हैं, तो सेंसर नए निशानों की पहचान पहले से सेव जानकारी से करता है. अगर दोनों का पैटर्न मेल खाता है, तो फोन अनलॉक हो जाता है. अगर निशान मेल नहीं खाते, तो फोन लॉक रहता है.