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जानिए, टेस्ला की ऑटो पायलट टीम के लिए हायर किए गए पहले कर्मचारी भारतीय मूल के अशोक के बारे में

अशोक के लिंक्डइन के अनुसार, टेस्ला के ऑटोपायलट सॉफ्टवेयर के डायरेक्टर के रूप में, एलुस्वामी ऑटोपायलट डिवीजन के लिए सॉफ्टवेयर टीम को लीड कर रहे हैं. टेस्ला में शामिल होने से पहले, एलुस्वामी लगभग सात महीने तक वोक्सवैगन इलेक्ट्रॉनिक रिसर्च लैब और लगभग दो वर्षों तक वैबको व्हीकल कंट्रोल सिस्टम के साथ जुड़े रहे.

ASHOK ELLUSWAMY
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 03 जनवरी 2022,
  • अपडेटेड 12:18 PM IST
  • अशोक ने चेन्नई के कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से पूरी की है ग्रेजुएशन
  • टेस्ला से पहले भी कर चुके हैं कई बड़ी कंपनियों में काम

भारतीयों का डंका पूरी दुनिया में बज रहा है. अब इसी कड़ी में अशोक एलुस्वामी (Ashok Elluswamy) पहले भारतीय मूल के कर्मचारी बन गए हैं, जिन्हें अमेरिका स्थित इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपनी टेस्ला (Tesla) की ऑटोपायलट टीम के लिए हायर किया गया है. बता दें, ये कंपनी एलन मस्क (Elon Musk) की है और ये दुनिया की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपनी है.

एक इंटरव्यू में किया एलन ने जिक्र 

हाल ही में हुए एक वीडियो इंटरव्यू में एलन मस्क ने अशोक एलुस्वामी का जिक्र करते हुए कहा “अशोक वास्तव में ऑटोपायलट इंजीनियरिंग के प्रमुख हैं. आंद्रेज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस निदेशक हैं. लोग अक्सर मुझे बहुत ज्यादा श्रेय देते हैं. टेस्ला ऑटोपायलट एआई टीम बेहद प्रतिभाशाली है. ये  दुनिया के सबसे स्मार्ट लोगों में से एक हैं.”

टेस्ला और स्पेसएक्स के बॉस ने इस वीडियो का जवाब देते हुए ट्वीट किया, "अशोक मेरे ट्वीट करने के बाद हायर होने वाले पहले व्यक्ति थे.” बता दें, एलन जिस ट्वीट का जिक्र कर रहे यहीं उसमें उन्होंने घोषणा की थी कि ‘टेस्ला एक ऑटोपायलट टीम शुरू कर रहा है!'

कौन हैं अशोक एलुस्वामी?

अशोक एलुस्वामी आठ साल से ज्यादा के समय से टेस्ला से जुड़े एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं. टेस्ला में उनका कार्यकाल जनवरी 2014 में ऑटोपायलट डिवीजन के लिए एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में शुरू हुआ था. जिसके ठीक 2 साल बाद जून 2016 में उसी डिवीजन में उन्हें सीनियर सॉफ्टवेयर इंजीनियर बना दिया गया. सितंबर 2017 में, एलुस्वामी को एक और प्रमोशन दिया गया और सीनियर स्टाफ सॉफ्टवेयर इंजीनियर बन गए. इसके बाद, उन्हें मई 2019 में ऑटोपायलट सॉफ्टवेयर के निदेशक के रूप में हायर किया गया.

बता दें, भारतीय मूल के अशोक ने अपनी इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग की पढ़ाई चेन्नई के कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से पूरी की है. इसके अलावा कार्नेगी मेलॉन यूनिवर्सिटी से उन्हें रोबोटिक्स सिस्टम डेवलपमेंट में मास्टर्स डिग्री हासिल की.

टेस्ला से पहले भी कर चुके हैं कई बड़ी कंपनियों में काम 

अशोक के लिंक्डइन के अनुसार, टेस्ला के ऑटोपायलट सॉफ्टवेयर के डायरेक्टर के रूप में, एलुस्वामी ऑटोपायलट डिवीजन के लिए सॉफ्टवेयर टीम को लीड कर रहे हैं. टेस्ला में शामिल होने से पहले, एलुस्वामी लगभग सात महीने तक वोक्सवैगन इलेक्ट्रॉनिक रिसर्च लैब और लगभग दो वर्षों तक वैबको व्हीकल कंट्रोल सिस्टम के साथ जुड़े रहे.

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