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साइबर फ्रॉड पर RBI का बड़ा कदम! अब 3 दिन में जानकारी दी तो बैंक होगी जिम्मेदार, नहीं तो ग्राहक खुद उठाएगा नुकसान

यह पहली बार है जब रिजर्व बैंक ने देश के 238 बैंकों के नियमों को एक साथ बदलने की प्रक्रिया शुरू की है. RBI के अनुसार, यह बदलाव बैंकिंग व्यवस्था को और सुरक्षित, पारदर्शी और ग्राहक-अनुकूल बनाने के लिए किए जा रहे हैं.

Cyber fraud
gnttv.com
  • नई दिल्ली ,
  • 22 अक्टूबर 2025,
  • अपडेटेड 2:30 PM IST
  • नई व्यवस्था अप्रैल 2026 से लागू होगी
  • आम लोगों से 10 नवंबर तक सुझाव मांगे गए

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकों और ग्राहकों के लिए नए नियमों का ड्राफ्ट जारी किया है, जिसके तहत अगर किसी के साथ साइबर फ्रॉड होता है, तो ग्राहक को तीन दिन के भीतर इसकी जानकारी बैंक को देनी होगी. अगर ग्राहक तय समय में सूचना देता है तो नुकसान की भरपाई बैंक करेगी, लेकिन देर करने पर जिम्मेदारी ग्राहक की होगी. RBI ने इन प्रस्तावित बदलावों पर आम जनता से 10 नवंबर तक सुझाव मांगे हैं. सभी नए नियम अप्रैल 2026 से लागू होंगे.

यह पहली बार है जब रिजर्व बैंक ने देश के 238 बैंकों के नियमों को एक साथ बदलने की प्रक्रिया शुरू की है. RBI के अनुसार, यह बदलाव बैंकिंग व्यवस्था को और सुरक्षित, पारदर्शी और ग्राहक-अनुकूल बनाने के लिए किए जा रहे हैं.

RBI ने इन नियमों में कुल 20 बड़े बदलावों का सुझाव दिया है. इनमें साइबर फ्रॉड, लॉकर्स की सुरक्षा, वरिष्ठ नागरिक बैंकिंग, लोन ब्याज दरें और डिजिटल लेनदेन जैसे मुद्दे शामिल हैं.

लॉकर्स की चोरी या नुकसान: अगर बैंक लॉकर में रखे सामान की चोरी या नुकसान होता है, तो बैंक की जिम्मेदारी तय होगी. बैंक ग्राहक को मुआवजा देगा.

क्लेम सेटलमेंट: क्लेम 15 दिनों के अंदर निपटाने का प्रावधान होगा, ताकि पीड़ित को लंबा इंतजार न करना पड़े.

साइबर फ्रॉड: ग्राहक अगर 3 दिन में बैंक को सूचित करता है, तो पूरी जिम्मेदारी बैंक की होगी. देर होने पर नुकसान ग्राहक को उठाना पड़ेगा.

केवाईसी (KYC) नियमों में बदलाव: अब सामान्य खातों को हर 10 साल में अपडेट करना होगा, जबकि उच्च जोखिम वाले खातों को हर 2 साल में.

वरिष्ठ नागरिक बैंकिंग: 70 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को बैंकिंग सेवाओं में प्राथमिकता दी जाएगी.

लोन ब्याज दरें: RBI ने एकीकृत ब्याज दर प्रणाली की बात की है. इससे पारदर्शिता बढ़ेगी.

निष्क्रिय खाते: 3 साल से अधिक समय से इस्तेमाल न हो रहे खातों को डॉर्मेंट घोषित कर ब्याज देना बंद किया जा सकता है.

समय सीमा तय: लोन क्लेम, कार्ड शिकायतें और अन्य बैंकिंग सेवाओं पर समयसीमा तय की जाएगी.

नए ड्राफ्ट में ग्राहकों की जिम्मेदारी और सुरक्षा दोनों
इन प्रस्तावित नियमों का मकसद ग्राहक सुरक्षा बढ़ाना है. RBI के अनुसार, फ्रॉड का शिकार होने पर अगर ग्राहक तुरंत बैंक को जानकारी देता है, तो बैंक को उसकी भरपाई करनी होगी लेकिन अगर ग्राहक 3 दिन से ज्यादा देर करता है, तो उसे खुद जिम्मेदारी उठानी होगी.

कैसे दे सकते हैं आप अपने सुझाव?
आम लोग इन नियमों पर 10 नवंबर तक सुझाव भेज सकते हैं. इसके लिए RBI ने वेबसाइट rbi.org.in पर “What’s New” सेक्शन में लिंक जारी किया है. नागरिक वहां जाकर अपने सुझाव अपलोड कर सकते हैं.

कब लागू होंगे नए नियम?
RBI ने कहा है कि इन प्रस्तावों को अंतिम रूप देने के बाद अप्रैल 2026 से सभी बैंकों में नए नियम लागू होंगे. इन बदलावों से ग्राहकों को बैंकिंग में ज्यादा सुरक्षा और पारदर्शिता मिलेगी. साइबर ठगी के मामलों में अब बैंक की जवाबदेही तय होगी, जिससे डिजिटल ट्रांजैक्शन पर भरोसा बढ़ेगा.

 

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