Advertisement

फोन निकालने की जरूरत नहीं, खतरे में मदद मांगेगी ये स्मार्ट ईयररिंग, 16 साल की छात्रा ने बनाया अनोखा डिवाइस  

स्मार्ट ईयररिंग का यह अनोखा प्रोटोटाइप मुश्किल समय में बिना फोन निकाले मदद मांगने के कॉन्सेप्ट पर आधारित है. जानिए इसमें कौन सी तकनीक शामिल है.

Bohlale Mphahlele
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 07 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 5:36 PM IST

आज के समय में टेक्नोलॉजी सिर्फ फोन, लैपटॉप और स्मार्ट वॉच तक सीमित नहीं है. अब इसका इस्तेमाल लोगों की सुरक्षा के लिए भी किया जा रहा है. इसी दिशा में दक्षिण अफ्रीका की 16 साल की छात्रा Bohlale Mphahlele ने साल 2020 में एक अनोखा स्मार्ट ईयररिंग प्रोटोटाइप तैयार किया था. देखने में यह बिल्कुल सामान्य ईयररिंग जैसी लगती है, लेकिन खतरे की स्थिति में यह चुपचाप मदद मांगने का जरिया बन सकती है.

खतरा महसूस होते ही दबाना होगा छोटा बटन
कई बार ऐसी स्थिति बन जाती है जब किसी व्यक्ति के लिए फोन निकालकर कॉल करना या मदद मांगना मुश्किल हो जाता है. इसी समस्या को ध्यान में रखकर स्मार्ट ईयररिंग का यह कॉन्सेप्ट तैयार किया गया. इसमें एक छोटा बटन दिया गया है, जिसे जरूरत पड़ने पर दबाया जा सकता है. बटन दबाने के बाद सुरक्षा से जुड़ा अलर्ट एक्टिव करने के लिए डिवाइस को डिजाइन किया गया है. इसके कॉन्सेप्ट में कैमरे का इस्तेमाल खतरा पैदा करने वाले व्यक्ति की तस्वीर लेने के लिए किया जा सकता है. इसके अलावा GPS जैसी तकनीक की मदद से यूजर की लोकेशन का पता लगाने का भी विचार शामिल है.

बिना बताए मदद मांगने का आइडिया
इस स्मार्ट ईयररिंग की सबसे खास बात इसका छोटा और सामान्य डिजाइन है. इसे इस तरह तैयार करने का विचार है कि, अगर कोई व्यक्ति परेशान कर रहा हो या अचानक खतरा सामने आ जाए, तो फोन निकालना जोखिम भरा हो सकता है. ऐसे में कान में पहले से पहनी ईयररिंग के जरिए मदद के लिए सिग्नल भेजने का आइडिया काफी अलग है. सामने मौजूद व्यक्ति को भी तुरंत पता नहीं चलेगा कि यूजर ने सुरक्षा अलर्ट एक्टिव किया है.

महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा थी मकसद
Bohlale Mphahlele ने यह प्रोजेक्ट महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाली हिंसा को ध्यान में रखकर तैयार किया था. उनका उद्देश्य ऐसी तकनीक विकसित करना था, जो किसी मुश्किल परिस्थिति में फंसे व्यक्ति को जल्द मदद दिलाने में उपयोगी हो. इस प्रोजेक्ट को दक्षिण अफ्रीका के Eskom Expo for Young Scientists में भी पेश किया गया था. वहां इसे इंजीनियरिंग-इलेक्ट्रॉनिक्स और एम्बेडेड सिस्टम कैटेगरी में ब्रॉन्ज मेडल मिला. फिलहाल यह डिवाइस प्रोटोटाइप स्तर पर है, लेकिन इसका आइडिया बताता है कि आने वाले समय में रोजमर्रा की छोटी-छोटी चीजें भी सुरक्षा के लिए बड़ी भूमिका निभा सकती हैं. ईयररिंग जैसी एक्सेसरी जरूरत पड़ने पर किसी की साइलेंट बॉडीगार्ड बन सकती है.

ये भी पढ़ें: 

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Advertisement