आजकल फोन सिर्फ बात करने के लिए नहीं, बल्कि फोटो और वीडियो बनाने के लिए भी काफी इस्तेमाल होते हैं. महंगे स्मार्टफोन में शानदार कैमरा दिया जाता है. कई लोग तो केवल बेहतर क्वालिटी वाले कैमरे के लिए, स्मार्टफोन का अपना बजट तक बढ़ा लेते हैं. लेकिन एक आम आदत है जो फोन के कैमरे को धीरे-धीरे खराब कर सकती है. खासकर अगर आप बाइक या स्कूटर चलाते समय फोन को हैंडल पर माउंट करके लगाकर रखते हैं.
बाइक चलाते समय फोन को हैंडल पर लगाकर नेविगेशन देखना काफी आम है. लेकिन बाइक के इंजन और सड़क से आने वाला तेज कंपन फोन के कैमरे को नुकसान पहुंचा सकता है. लंबे समय तक लगातार कंपन मिलने से कैमरे के अंदर मौजूद छोटे-छोटे हिस्सों पर असर पड़ सकता है. जिसका नतीजा होता है कि कैमरा पहले जैसा परफॉर्म नहीं करता, और पिक्चर क्वालिटी खराब आती है.
कई स्मार्टफोन कैमरों में इमैज को स्टेबलाइज करने के लिए ऑप्टिकल इमेज स्टेबलाइजेशन (Optical Image Stabilization) सिस्टम होता है. इसका फायदा होता है कि वीडियो कैद करते समय हाथ के थोड़ा हिलने पर भी विडीयो ज्यादा हिलता हुआ कैद नहीं होता. इस सिस्टम को चलाने में बहुत छोटे-छोटे पुर्जे लगे होते हैं. लगातार तेज कंपन मिलने से इस पुर्जे पर जोरदार इंपैक्ट होता है और यह सिस्टम खराब भी हो सकता है.
अगर फोन का कैमरा अचानक फोटो को अच्छे से फोकस नहीं कर पा रहा है, फोटो धुंधली आ रही है या वीडियो बनाते समय कैमरा लगातार हिलता दिखाई देता है, तो यह नुकसान का इशारा हो सकता है. कुछ मामलों में कैमरा खोलने या फोन हिलाने पर हल्की आवाज भी सुनाई दे सकती है. लेकिन हर आवाज का मतलब कैमरे की खराबी का इशारा हो यह जरूरी नहीं.
अगर बाइक पर फोन लगाना जरूरी है तो ऐसा माउंट इस्तेमाल करें जो कंपन को कम करे. साथ ही फोन को लंबे समय तक सीधे बाइक के हैंडल से जोड़कर रखने से बचें. खासकर ज्यादा पावर वाले इंजन वाली बाइक पर यह सावधानी ज्यादा जरूरी है.
आपके फोन के कैमरे को केवल कंपन ही खराब नहीं करता, बल्कि तेज लेजर लाइट भी फोन के कैमरा सेंसर को नुकसान पहुंचा सकती है. लेजर शो या ऐसी जगहों पर फोन का कैमरा सीधे लेजर की तरफ करने से बचें. इससे कैमरा सेंसर खराब हो सकता है और नुकसान पर्मानेंट भी हो सकता है.