Application Asking For Permission
Application Asking For Permission
आज स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है. हम फोन पर क्या खोजते हैं, कहां जाते हैं और किन ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं, इससे जुड़ी काफी जानकारी फोन और ऐप्स के पास होती है. कई बार ऐसा भी लगता है कि आपने जिस चीज के बारे में अभी कुछ सर्च किया, उससे जुड़े ऐड तुरंत फोन पर दिखने लगे. इसका मतलब यह जरूरी नहीं कि फोन आपकी बातें सुन रहा है. लेकिन कुछ सेटिंग्स की वजह से आपकी ऑनलाइन एक्टिवी और पर्सनल डेटा जरूर शेयर हो सकती है.
जब आप कोई नया ऐप डाउनलोड करते हैं तो वह कैमरा, माइक्रोफोन, फोटो या दूसरी चीजों की परमिशन मांग सकता है. कई लोग बिना पढ़े ही ‘Allow’ पर क्लिक कर देते हैं. यही आदत आपकी निजी जानकारी के लिए परेशानी बन सकती है.
हर ऐप को हर परमिशन की जरूरत नहीं होती. उदाहरण के लिए फोटो एडिट करने वाले ऐप को गैलरी की जरूरत हो सकती है, लेकिन मौसम बताने वाले ऐप को कैमरे या माइक्रोफोन की जरूरत क्यों होगी? इसलिए फोन की सेटिंग में जाकर हर ऐप की परमिशन जांचें और गैरजरूरी एक्सेस बंद कर दें.
लोकेशन की मदद से कई ऐप आपको आसपास की दुकानें, रास्ते और दूसरी सुविधाएं दिखाते हैं. लेकिन अगर हर ऐप को लगातार आपकी लोकेशन देखने की अनुमति है, तो आपकी आने-जाने की जानकारी भी जमा हो सकती है.
जरूरत न होने पर लोकेशन की परमिशन बंद रखें. जिन ऐप्स को इसकी जरूरत है, वहां ‘While Using the App’ जैसे ऑप्शन का इस्तेमाल करें. इससे ऐप केवल इस्तेमाल करते समय ही आपकी लोकेशन देख पाएगा.
आपने कभी किसी चीज को ऑनलाइन देखा और उसके बाद उसी चीज के विज्ञापन बार-बार दिखाई देने लगे? ऐसा ऑनलाइन एक्टिविटी से जुड़ी जानकारी के बेस पर हो सकता है. वेबसाइट और ऐप पर आपकी पसंद से जुड़ा डेटा विज्ञापनों को आपके हिसाब से दिखाने में इस्तेमाल किया जा सकता है.
पर्सनलाइज्ड ऐड बंद करने से ऐड पूरी तरह खत्म नहीं होंगे. लेकिन आपको आपकी एक्टिविटी के बेस पर दिखाए जाने वाले ऐड को कम करने में मदद मिल सकती है.
अपने फोन में ऐप परमिशन, लोकेशन एक्सेस और विज्ञापन से जुड़ी सेटिंग्स को समय-समय पर जरूर देखें. किसी ऐप को जरूरत से ज्यादा जानकारी देने से बचें. हर बार ‘Allow’ दबाने के बजाय पहले सोचें कि ऐप को उस परमिशन की सच में जरूरत है या नहीं. इससे आपकी निजी जानकारी पर आपका कंट्रोल बेहतर रहेगा.