YouTube पर वीडियो बनाकर कमाई करने का सपना देख रहे लोगों के लिए आने वाला समय थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है. YouTube ने अपने Partner Program के नियमों में बड़े बदलाव का ऐलान किया है. नए नियम 1 फरवरी 2027 से लागू होंगे. इसके अलावा 24 अगस्त 2026 से वीडियो के व्यू काउंट करने का तरीका भी बदल जाएगा. चलिए आपको बताते हैं नए नियमों के बारे में.
नए क्रिएटर्स के लिए बढ़ेगी कमाई की शर्त
अभी YouTube पर एड्स और प्रीमियम रेवेन्यू पाने के लिए 1,000 सब्सक्राइबर के साथ पिछले 12 महीनों में 4,000 वैलिड पब्लिक वॉच आवर्स या पिछले 90 दिनों में 1 करोड़ पब्लिक Shorts Views की जरूरत होती है. लेकिन 1 फरवरी 2027 से नए आवेदकों के लिए शर्तें कड़ी हो जाएंगी. उन्हें 1,000 सब्सक्राइबर के साथ 8,000 क्वालिफाइड वॉच आवर्स या 90 दिनों में 2 करोड़ क्वालिफाइड Shorts Views पूरे करने होंगे. यानी लंबे वीडियो बनाने वालों के लिए वॉच टाइम की जरूरत दोगुनी हो जाएगी.
पुराने क्रिएटर्स को नहीं होगा नुकसान
इन बदलावों का असर उन क्रिएटर्स पर नहीं पड़ेगा जो पहले से YouTube Partner Program का हिस्सा हैं. नए नियम मुख्य रूप से उन चैनलों पर लागू होंगे जो 1 फरवरी 2027 के बाद एड्स और प्रीमियम रेवेन्यू के लिए आवेदन करेंगे. वहीं छोटे क्रिएटर्स के लिए फिलहाल राहत है. फैन फंडिंग, चैनल मेंबरशिप, Super Chat और शॉपिंग जैसे फीचर्स के लिए मौजूदा शर्तें जारी रहेंगी. इसके लिए 500 सब्सक्राइबर और 3,000 वॉच आवर्स या 30 लाख Shorts Views वाला बेसलाइन बना रहेगा.
Shorts से कमाई के लिए भी बदलेंगे नियम
1 फरवरी 2027 से Shorts क्रिएटर्स के लिए भी नया नियम लागू होगा. ऐड्स और प्रीमियम रेवेन्यू पाने के लिए पिछले 90 दिनों में 1 करोड़ Shorts Views का स्तर बनाए रखना होगा. इससे नीचे जाने पर चैनल Partner Program से बाहर नहीं होगा, लेकिन उस अवधि में Shorts Ads और Premium Revenue Share नहीं मिलेगा.
24 अगस्त से ऐसे गिने जाएंगे Views
24 अगस्त 2026 से YouTube वीडियो के व्यू काउंट में भी बदलाव कर रहा है. अब वीडियो का प्ले शुरू होते ही उसे पब्लिक व्यू माना जाएगा. इससे कई वीडियो पर दिखने वाले व्यूज तेजी से बढ़ सकते हैं. हालांकि, ज्यादा पब्लिक व्यूज का मतलब ज्यादा कमाई नहीं होगा. मोनेटाइजेशन और Partner Program की योग्यता के लिए क्वालीफाई और एंगेज्ड मैट्रिक्स का इस्तेमाल जारी रहेगा. ऐसे में नए क्रिएटर्स के लिए सिर्फ व्यूज बढ़ाना नहीं, बल्कि दर्शकों को वीडियो पर ज्यादा समय तक रोकना भी जरूरी होगा.
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