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जुलाई में घूमने का है प्लान? इन 5 सेफ हिल स्टेशन्स पर लें मानसून का मजा, लैंडस्लाइड का खतरा भी रहेगा कम

gnttv.com
  • नई दिल्ली ,
  • 29 जून 2026,
  • Updated 4:01 PM IST
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कुनूर (तमिलनाडु)
ऊटी से करीब 20 किलोमीटर दूर स्थित कुनूर जुलाई में बेहद खूबसूरत हो जाता है. चाय के बागान, ठंडी हवा और बादलों से घिरी पहाड़ियां इसकी पहचान हैं. यहां सड़कें अच्छी हैं और भारी भूस्खलन की घटनाएं कम होती हैं. सिम्स पार्क, डॉल्फिन्स नोज और नीलगिरि माउंटेन रेलवे यहां के प्रमुख आकर्षण हैं.

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माउंट आबू (राजस्थान)
राजस्थान का इकलौता हिल स्टेशन माउंट आबू जुलाई में हरियाली से भर उठता है. यहां भारी बारिश और भूस्खलन का खतरा उत्तर भारत के कई पहाड़ी इलाकों की तुलना में काफी कम रहता है. नक्की झील, गुरु शिखर और दिलवाड़ा जैन मंदिर यहां के प्रमुख पर्यटन स्थल हैं.

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ऊटी (तमिलनाडु)

नीलगिरि की पहाड़ियों में बसा ऊटी जुलाई में बादलों, चाय के बागानों और ठंडी हवाओं से और भी खूबसूरत हो जाता है. मानसून के दौरान यहां हल्की से मध्यम बारिश होती है, जिससे प्राकृतिक नजारे और निखर जाते हैं. अच्छी सड़क और रेल कनेक्टिविटी के कारण यह दक्षिण भारत के लोकप्रिय और अपेक्षाकृत सुरक्षित हिल स्टेशनों में गिना जाता है.

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जुलाई में मानसून अपने पूरे रंग में होता है. पहाड़ों पर हरियाली, झरने और बादलों से ढकी वादियां किसी जन्नत से कम नहीं लगतीं. हालांकि इस मौसम में कुछ हिल स्टेशनों पर भूस्खलन और सड़क बंद होने का खतरा भी बढ़ जाता है. अगर आप बारिश का आनंद लेना चाहते हैं लेकिन सेफ जगह की तलाश में हैं, तो ये 5 हिल स्टेशन आपके लिए बेहतर विकल्प हो सकते हैं.

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लैंसडाउन (उत्तराखंड)
उत्तराखंड का लैंसडाउन एक शांत और साफ-सुथरा हिल स्टेशन है. मसूरी या नैनीताल की तुलना में यहां भीड़ कम रहती है और मानसून के दौरान सड़कें भी अपेक्षाकृत बेहतर रहती हैं. टिप-इन-टॉप, भुल्ला ताल और सेंट मैरी चर्च यहां की प्रमुख जगहें हैं.

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पचमढ़ी (मध्य प्रदेश)
सतपुड़ा की पहाड़ियों में बसा पचमढ़ी मानसून में और भी खूबसूरत हो जाता है. यहां झरने, गुफाएं और हरियाली पर्यटकों को खूब आकर्षित करते हैं. बी फॉल, अप्सरा विहार, धूपगढ़ और पांडव गुफाएं यहां के प्रमुख आकर्षण हैं.