Delhi-Varanasi Bullet Train: देश की राजधानी दिल्ली से वंदे भारत, राजधानी, हमसफर और शताब्दी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों के बाद अब बुलेट ट्रेन चलाने की तैयार चल रही है. दिल्ली से लखनऊ, वाराणासी, पटना और सिलीगुड़ी तक बुलेट ट्रेन चलाने की योजना है. इस हाईस्पीड रेल कॉरिडोर के लिए जमीनी सर्वे का काम तेज हो गया है. सरकार ने इस हाईस्पीड रेल कॉरिडोर को दो चरणों में बनाने की तैयारी की है. पहले चरण में दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन और दूसरे चरण में इसे आगे बढ़ाते हुए पटना से सिलीगुड़ी तक विस्तार दिया जाएगा. रेलवे के इस प्रोजेक्ट को 2035 से 2040 तक पूरा करने का लक्ष्य है.
नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) ने रेल मंत्रालय को दिल्ली-वाराणसी-पटना-सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन की डीपीआर सौंप दी है. इस DPR को फाइनल मंजूरी के बाद कैबिनेट से मंजूर कराया जा सकता है. आपको मालूम हो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने पिछले बजट में कुल 7 बुलेट ट्रेन रूट को हाई प्रायोरिटी घोषित किया था. इसमें वाराणसी रूट भी शामिल है. आपको मालूम हो कि भारत बी28 स्वदेशी बुलेट ट्रेन कोच बना रहा है, जो 280 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाले होंगे.
कुल लंबाई 1557 किलोमीटर
दिल्ली-वाराणसी-पटना-सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन की कुल लंबाई 1557 किलोमीटर है. इसमें से दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की कुल लंबाई 813 किलोमीटर है. यह बुलेट ट्रेन दिल्ली के सराय काले खां से शुरू होगी. इस ट्रेन के चलने से दिल्ली से लखनऊ, वाराणासी, पटना और सिलीगुड़ी जाने वाले यात्रियों को आवागमन में सहूलियत होगी.
दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन के स्टेशन
सिर्फ इतने घंटों में दूरी हो सकेगी तय
आपको मालूम हो कि अभी दिल्ली से लखनऊ तक सबसे तेज रफ्तार से चलने वाली ट्रेनों में वंदे भारत एक्सप्रेस और शताब्दी एक्सप्रेस है. अभी वंदे भारत जहां दिल्ली से लखनऊ जाने में 6 घंटे 25 मिनट और शताब्दी एक्सप्रेस दिल्ली से लखनऊ जाने में 6 घंटे 50 मिनट का समय लेती है, वहीं बुलेट ट्रेन दिल्ली से लखनऊ सिर्फ 2 घंटे में पहुंच जाएगी. दिल्ली से वाराणसी जाने में अभी आम सुपर फास्ट ट्रेन 10 से 12 घंटे का समय लेती हैं, वहीं दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन से दोनों शहरों का सफर 3 घंटे 50 मिनट में तय हो सकेगा. बुलेट ट्रेन के चलने के बाद दिल्ली से पटना तक की दूरी सिर्फ 4 घंटे 41 मिनट में तय हो सकेगी. अभी पटना से दिल्ली तक की यात्रा में एक्सप्रेस ट्रेनों से 12 से 13 घंटे तक का समय लगता है. बिहार में बुलेट ट्रेन के लिए बक्सर, आरा, पटना, मोकामा, हाथीदह, बेगूसराय, महेशखूंट, कटिहार और किशनगंज में स्टेशन बनाए जा सकते हैं. दिल्ली से सिलीगुड़ी तक एक्सप्रेस ट्रेनों से जाने में 20 से 24 घंटे तक का समय लगता है लेकिन बुलेट ट्रेन 6 घंटे 45 मिनट में दिल्ली से सिलीगुड़ी पहुंचा देगी.
एक नजर में दिल्ली से चलने वाली बुलेट ट्रेन
मांगे गए हैं आवेदन
रेलवे के सीनियर तकनीकी अधिकारियों से दिल्ली-वाराणसी-पटना-सिलीगुड़ी तक हाईस्पीड रेल के ग्राउंड सर्वे के लिए आवेदन मांगे गए हैं. NHSRCL ने वरिष्ठ टेक्नोक्रेट की तैनाती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है. 3 विशेष कार्य अधिकारी और 3 अपर महाप्रबंधक तैनात किए जाने हैं. अगले कुछ दिनों में ये प्रक्रिया पूरी हो जाएगी. इसके बाद ये लोग दिल्ली, नोएडा, आगरा, लखनऊ, वाराणसी और पटना में नियुक्ति के साथ परियोजना के ग्राउंड ऑपरेशन संभालेंगे. बिहार में बुलेट ट्रेन के लिए एलिवेटेड ट्रैक बनाया जाएगा. इसके लिए लगभग 1900 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जाएगी. पटना जिले में बुलेट ट्रेन स्टेशन के लिए 21 एकड़ भूमि की जरूरत होगी.