चिखलदरा घूमने जा रहे हैं? पहले जान लें नया ट्रैफिक नियम, नहीं तो हो जाएगी बड़ी दिक्कत!

अमरावती जिला प्रशासन ने 20 जून से 27 सितंबर 2026 तक विशेष ट्रैफिक गाइडलाइन लागू की है. यह व्यवस्था हर शनिवार, रविवार, सार्वजनिक अवकाश और प्रमुख त्योहारों के दौरान प्रभावी रहेगी. जिलाधिकारी एवं जिला दंडाधिकारी आशीष येरेकर ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं.

Amravati One-Way Traffic Plan
धनंजय साबले
  • अमरावती ,
  • 03 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 1:26 PM IST

अगर आप इस मानसून में विदर्भ के मशहूर हिल स्टेशन चिखलदरा घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. पिछले साल भारी जाम से हजारों पर्यटकों को घंटों तक परेशानी झेलनी पड़ी थी. इसी अनुभव से सबक लेते हुए अमरावती जिला प्रशासन ने इस बार वीकेंड और सार्वजनिक छुट्टियों के दौरान नई वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है. इससे घाट मार्ग पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और पर्यटकों की यात्रा पहले से ज्यादा सुरक्षित और आसान बन सकेगी.

20 जून से 27 सितंबर तक लागू रहेगी व्यवस्था
अमरावती जिला प्रशासन ने 20 जून से 27 सितंबर 2026 तक विशेष ट्रैफिक गाइडलाइन लागू की है. यह व्यवस्था हर शनिवार, रविवार, सार्वजनिक अवकाश और प्रमुख त्योहारों के दौरान प्रभावी रहेगी. जिलाधिकारी एवं जिला दंडाधिकारी आशीष येरेकर ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं.

ऐसे रहेगा नया ट्रैफिक प्लान
नई व्यवस्था के अनुसार परतवाड़ा से चिखलदरा जाने वाले सभी वाहनों को धामणगांव गढ़ी मार्ग से होकर जाना होगा. वहीं चिखलदरा से लौटने वाले वाहन घटांग मार्ग से नीचे उतरेंगे. यानी आने और जाने के लिए अलग-अलग रास्ते तय किए गए हैं. इससे आमने-सामने वाहनों की आवाजाही कम होगी और जाम लगने की संभावना भी घटेगी.

इन दिनों और समय पर रहेगा लागू
प्रशासन के अनुसार यह वन-वे व्यवस्था हर शुक्रवार दोपहर 2 बजे से सोमवार दोपहर 2 बजे तक लागू रहेगी. यदि बीच में कोई सार्वजनिक अवकाश या बड़ा त्यौहार पड़ता है, तो छुट्टी से एक दिन पहले दोपहर 2 बजे से लेकर अवकाश समाप्त होने के अगले दिन दोपहर 2 बजे तक यह नियम प्रभावी रहेगा.

नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई
यह फैसला पुलिस अधीक्षक अमरावती ग्रामीण उपविभागीय अधिकारियों. सार्वजनिक निर्माण विभाग और अन्य संबंधित विभागों की रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है. अधिकारियों का कहना है कि इससे संकरे और घुमावदार घाट मार्ग पर ट्रैफिक नियंत्रण आसान होगा और सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी कम होगा. हालांकि इस मार्ग पर स्थित गांवों के स्थानीय निवासियों को इस व्यवस्था से छूट दी गई है. नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम 1988 और महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम 1951 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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