दुर्गा पूजा की रौनक भले ही अभी शुरू होने वाली हो, लेकिन दिल्ली में बंगाल की खुशबू और रंग अभी से महसूस होने लगे हैं. दिल्ली हाट, INA पहुंचते ही लाल-सफेद साड़ियों, मां दुर्गा की छवि वाली जूलरी और मिट्टी से बने खूबसूरत आभूषणों ने माहौल को बिल्कुल बंगाली बना दिया है. यहां 16 सितंबर से 30 सितंबर तक Bengal Pre-Puja Handloom & Handicrafts Expo 2026 चल रहा है, जहां बंगाल के अलग-अलग हिस्सों से आए कारीगर अपनी कला और परंपरा को दिल्ली लेकर पहुंचे हैं. इस एक्सपो में सिर्फ खरीदारी का मौका नहीं, बल्कि बंगाल की संस्कृति, हुनर और दुर्गा पूजा से जुड़ी कई अनोखी कहानियां भी देखने को मिल रही हैं.
दुर्गा पूजा और बंगाली संस्कृति की बात हो तो लाल-सफेद साड़ी का जिक्र जरूर होता है. दिल्ली हाट में भी ऐसी ट्रेडिशनल बंगाली साड़ियों की कई वैरायटी मौजूद हैं. इनकी कीमत करीब 1 हजार रुपये से शुरू होकर 7 हजार रुपये तक है. साड़ियों के डिजाइन और रंगों में बंगाल की पारंपरिक कला की झलक साफ दिखाई देती है.
मां दुर्गा की तस्वीर वाली जूलरी
कोलकाता से आईं पापिया नट्टा अपने साथ ऐसी जूलरी लेकर पहुंची हैं, जो महिलाओं के साथ पुरुषों के स्टाइल को भी खास बनाती है. उनकी जूलरी की सबसे बड़ी पहचान इनमें बनी मां दुर्गा की छवि है. पापिया पहले टीचर थीं, लेकिन बाद में उन्होंने अपना खुद का काम शुरू किया. इस बार वह पहली बार अपने घर से बाहर निकलकर दिल्ली में अपना हुनर और कारोबार लेकर पहुंची हैं.
नीलम शॉ की मिट्टी से बनी जूलरी
वहीं, कोलकाता की नीलम शॉ की मिट्टी से बनी जूलरी भी लोगों का ध्यान खींच रही है. इसकी खासियत यह है कि इसे उसी तरह की मिट्टी से तैयार किया जाता है, जिसका इस्तेमाल मां दुर्गा की प्रतिमा बनाने में किया जाता है. यानी जिस मिट्टी से मां दुर्गा की प्रतिमा आकार लेती है, वही मिट्टी अब खूबसूरत जूलरी का रूप लेकर लोगों तक पहुंच रही है. इस एक्सपो में बंगाल की परंपरा और आधुनिकता का यही अनोखा मेल इसे खास बना रहा है.
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